बीजिंग: चीन ने मंगलवार को हार्वर्ड के उस अध्ययन को “पूरी तरह से हास्यास्पद” करार दिया जिसमें कहा गया है कि अगस्त 2019 से वुहान के अस्पतालों के बाहर यातायात में वृद्धि से संकेत मिलता है कि उस क्षेत्र में कोरोना वायरस के मामले, बताए गए समय से पहले ही सामने आ चुके थे. चीन ने रविवार को कोरोना वायरस पर एक श्वेतपत्र जारी किया और कहा कि पहली बार 17 दिसंबर को वायरस का पता लगा और चीनी वैज्ञानिकों ने 19 जनवरी को मानव-से-मानव संक्रमण की पुष्टि की. इसके बाद अधिकारियों ने 23 जनवरी से वुहान में लॉकडाउन लगाने का फैसला किया. Also Read - बिहार: AIIMS- पटना में कोरोना संक्रमण के चलते 2 डॉक्‍टरों ने तोड़ा दम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कई देशों के नेताओं ने आरोप लगाया है कि चीन ने घातक बीमारी की जानकारी देने में पारदर्शिता नहीं बरती जिससे दुनिया भर में बड़े पैमाने पर लोगों की मौत हुयी और आर्थिक संकट पैदा हुआ. हार्वर्ड शोधकर्ताओं द्वारा किए गए नए अध्ययन में कहा गया है कि उपग्रह की तस्वीरों से पता लगा है कि अगस्त के अंत से लेकर दिसंबर तक वुहान के पांच अस्पतालों के बाहर यातायात में वृद्धि हुयी.यातायात में वृद्धि की अवधि के दौरान ही खाँसी तथा दस्त जैसे लक्षणों के बारे में ऑनलाइन जानकारी खोजे जाने में भी वृद्धि दर्ज की गयी.बीबीसी के अनुसार चीन ने कहा कि अध्ययन “हास्यास्पद” है और “सतही” जानकारी पर आधारित है.ऐसा माना जाता है कि यह वायरस पहली बार नवंबर में चीन में सामने आया. Also Read - Bengluru Lockdown: आज से लागू होगा टोटल लॉकडाउन, जानें क्या खुलेगा और क्या नहीं?

शोध का नेतृत्व करने वाले विशेषज्ञ डॉ जॉन ब्राउनस्टीन ने एबीसी न्यूज से कहा कि स्पष्ट रूप से सामाजिक रूप से कुछ व्यवधान हो रहा था जिसे कोरोना वायरस महामारी की शुरुआत के रूप में पहचाना गया था. शोधकर्ताओं ने वुहान के पांच अस्पतालों के बाहर से वाणिज्यिक उपग्रह डेटा का विश्लेषण किया जिसमें 2019 और 2018 की समान अवधि के आंकड़ों की तुलना की गयी है. शोधकर्ताओं ने एक मामले में अक्टूबर 2018 में वुहान के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक तियानयु अस्पताल में खड़ी 171 कारों की गिनती की. लेकिन उपग्रह की तस्वीरों के अनुसार 2019 में 285 वाहन वहां दिखाई दिए जो 67 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है. उसी दौरान चीनी सर्च इंजन ‘बाइडू’ पर कोरोना वायरस के लक्षणों से जुड़े शब्दों की ऑनलाइन खोज में वृद्धि हुयी. Also Read - Lockdown In Haryana Latest News Update: हरियाणा के इन जिलों में लग सकता है लॉकडाउन

उन्होंने कहा कि इससे पता लगता है कि उस समय वुहान में कुछ हो रहा था. उन्होंने कहा कि वहां क्या हुआ और किस प्रकार यह वायरस फैला, इसका पूरी तरह से पता लगाने के लिए अब भी कई अध्ययनों की आवश्यकता है.