HCQ Clinical Trial: कोविड-19 के संभावित उपचार के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा अपने वैश्विक क्लिनिकल ट्रायल में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (एचसीक्यू) का पुनः परीक्षण करने के निर्णय को विशेषज्ञों ने “सही दिशा में उठाया गया कदम” बताया और कहा कि इसका कोई भी “सकारात्मक नतीजा” वैश्विक स्तर पर लोगों के वृहद हित में होगा. डब्ल्यूएचओ ने इससे पहले सुरक्षा कारणों से कोविड-19 के इलाज के लिए संभावित दवाओं के परीक्षण में से एचसीक्यू का क्लिनिकल ट्रायल स्थगित कर दिया था. सुरक्षा से संबंधित आकंड़ों की समीक्षा के बाद बुधवार को डब्ल्यूएचओ ने कहा कि परीक्षण किया जाना चाहिए.Also Read - UP Covid-19 Update: कोरोना से लड़ने में सफल हुआ यूपी! आज सिर्फ 42 नए केस मिले, 729 एक्टिव केस बचे

डब्ल्यूएचओ के निर्णय का स्वागत करते हुए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ बलराम भार्गव ने कहा, “जैविक स्वीकार्यता, प्रयोगशाला से प्राप्त आंकड़ों और अध्ययन के आधार पर एचसीक्यू पर दिए गए सुझावों पर आईसीएमआर और भारत अडिग रहा है. यह दशकों तक इस्तेमाल की गई दवा है. क्लिनिकल ट्रायल से प्राप्त कोई भी सकारात्मक नतीजा वैश्विक स्तर पर लोगों के वृहद हित में होगा.” इससे पहले डॉ भार्गव ने कहा था कि मलेरिया के इलाज में प्रयोग की जाने वाली दवा एचसीक्यू का भारत में कोई गंभीर विपरीत प्रभाव नहीं देखा गया है और चिकित्सक की कड़ी निगरानी में इसे कोविड-19 के मरीजों को दिया जा सकता है. Also Read - भारत ने 31 अगस्‍त तक इंटरनेशनल यात्री उड़ानों पर प्रतिबंध बढ़ाया, पढ़ें ये गाइडलाइंस

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा कि एचसीक्यू का क्लिनिकल ट्रायल पुनः शुरू करने का डब्ल्यूएचओ का निर्णय “लोगों के वृहद हित में सही दिशा में उठाया गया कदम” है. उन्होंने कहा कि भारत में एम्स और आईसीएमआर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार यह दवा सुरक्षित है. उन्होंने कहा कि इस दवा से हृदय पर कोई गंभीर विपरीत प्रभाव नहीं देखा गया इसलिए यह सुखद समाचार है कि डब्ल्यूएचओ ने अपने आंकड़ों की समीक्षा करने के बाद इसका क्लिनिकल ट्रायल पुनः शुरू कर दिया है. Also Read - Coronavirus Cases In Kerala: केरल से होगी थर्ड वेब की शुरुआत? आज फिर 20 हजार से अधिक मामले आए सामने

उन्होंने कहा, “यह दवा सस्ती है, सरलता से उपलब्ध है, और काफी समय से सुरक्षित इस्तेमाल की जा रही है. कोविड-19 के उपचार में यह लाभकारी सिद्ध होती है तो यह अच्छा होगा.”