भारत के जंगलों में रहने वाले आदिवासियों के जीवन यापन का एक बहुत बड़ा माध्यम शहद है। पिछले कई वर्षों से आदिवासी जंगल में जाकर शहद इकठ्ठा करते और उसे बेचते आएं हैं। मध्यप्रदेश के छिंदवाडा जिले के पातालकोट में भी आदिवासियों के लिये शहद आय का एक जरिया है। यहाँ आदिवासी के जीवन में शहद न सिर्फ़ आय का स्त्रोत है बल्कि इसे स्वस्थ जीवन के लिये सुयोग्य भी माना जाता है। हमारे हर्बल एक्सपर्ट डॉक्टर दीपक आचार्य ने शहद के लाभ पर बहुत अध्ययन किया है, और इसी के बाद वो शहद से जुड़े कुछ पारपंरिक और अचूक नुस्खे निकालकर लाए हैं। आइये जानते हैं शहद के इन्हीं नुस्खों के बारे में। Also Read - Honey Side Effects: आपको बीमार भी कर सकता शहद, यहां जानें इसके साइड इफेक्ट्स

Also Read - chilblains Home Remedies: सर्दियों में होती है हाथ-पैरों में सूजन और खुजली की समस्या, तो अपनाएं ये घरेलू उपाय

1) याद्दाश्त बढ़ाए – आदिवासी लोग अब भी पारंपरिक नुस्खों पर यकीन रखते हैं। वो बच्चों को सुबह सुबह रोटी के साथ शहद देते है, उनका मानना है कि शहद याददाश्त बेहतर करने के लिये उत्तम है। शहद को छाछ के साथ लेने से भी याददाश्त बेहतर होती है। Also Read - Year Ender 2020 Home Remedies: साल 2020 में इन परेशानियों के लिए सबसे ज्यादा सर्च किए गए ये घरेलू उपाय, आप भी आप भी आजमाएं

2) हृदय और पेट को स्वस्थ रखे – शहद यदि दूध के साथ मिलाकर लिया जाए तो हृदय, दिमाग और पेट के लिये फ़ायदेमंद होता है। गर्मियों मे अक्सर नीबू पानी के साथ शहद मिलाकर पीने से ये शरीर को ऊर्जा और ठंडक प्रदान करता है। आदिवासियों का मानना है कि यदि शहद का सेवन प्रतिदिन किया जाए तो ये शरीर को चुस्त दुरुस्त रखने में काफ़ी मदद करता है साथ ही शारिरिक ताकत को बनाए रखकर थकान दूर करता है।

3) आंखों की रौशनी बढ़ाए – शहद शुद्ध हो और एक एक बूँद दोनों आँखो मे डाली जाए तो आँखो की सफ़ाई के साथ साथ रौशनी में फ़ायदा होता है। ग्रामीण जनों की मान्यता है कि नेत्र ज्योति के लिए शहद एक बेहतर उपाय है। इसे भी पढ़ें – लौंग से खांसी में सिर्फ 1 मिनट में राहत पाएं इस तरह

4) मसूड़ों की सूजन कम करे – बच्चों में दाँत आने के वक्त मसूडों में सूजन आ जाती है और उन्हें दर्द भी काफी होता है, ऐसी हालत में मसूड़ों पर शहद लगाने से आराम मिलता है।

5) वजन घटाने में मददगार – शहद को पानी में मिलाकर शौच जाने से पहले प्रतिदिन सुबह ३- ४ महीनों तक लेने से कटे नींबू का रस को गुनगुने पानी में मिलाकर प्रतिदिन सुबह लेने से वजन कम करने में मदद मिलती है।

6) घाव भरने में मदद करे – परंपरागत रूप से कटे अंगों, घावों और शरीर के जल जाने पर शहद को लगाई जाती है और इससे फ़ायदा भी मिलता है। वैसे भी शहद के एंटीबैक्टिरियल गुणो को आधुनिक विज्ञान भी मानता है।

7) सिरदर्द दूर करे – आदिवासी शहद के साथ चूना मिलाकर माथे पर लगाते है जिससे सर दर्द में आराम मिलता है। माना जाता है शहद मस्तिष्क को ठंडा रखता है और सिर दर्द के असर को कम करने में अतिकारगर होता है।

(ये हर्बल टिप्स डॉक्टर डीपक आचार्य जी के हैं।  वे पिछले 18 सालों से भारत के सुदूर वनवासी इलाकों से पारंपरिक हर्बल ज्ञान को संकलित कर आधुनिक विज्ञान की नज़रों से परख रहें हैं। पेशे से वैज्ञानिक डॉ आचार्य ने अब तक 6 किताबें लिखी हैं। हाल ही में उनकी किताब हर्बल जीवन मंत्रआई है।)