नई दिल्ली: केंद्र सरकार के दो मंत्रियों स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने महिलाओं एवं बच्चों के पोषण व स्वास्थ्य में सुधार जैसे विषय पर साथ मिलकर काम करने का निर्णय लिया है. इस विषय पर दोनों मंत्रियों के बीच एक अहम बैठक हुई. डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, “हम सबके लिए स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हमारी नीतियां और कार्यक्रम यह सुनिश्चित करने के लिए हैं कि हर मां, हर बच्चे और हर किशोर का अस्तित्व बना रहे और वे फले-फूलें.”

उन्होंने कहा कि कुपोषण और समाज के अन्य निर्धारक तत्व मातृ-शिशु अस्तित्व और विकास के साथ गहरे जुड़े हुए हैं और चूंकि ये मुद्दे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के लिए भी चिंता का विषय है, इसलिए ये विषय दोनों मंत्रालयों के लिए सहयोग का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दोनों मंत्रालय इस बात पर सहमत हुए हैं कि समान लक्ष्यों वाली योजनाओं के लिए दोनों मिलकर स्थानीय भाषाओं में मानक आईसी सामग्री तथा संयुक्त अभियानों को विकसित करेंगे. इसका उद्देश्य लाभार्थियों को योजनाओं की जानकारी देना तथा उन्हें यह बताना है कि वह इनका लाभ कैसे और कहां से ले सकते हैं.

डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि किशोर वर्ग में मासिक धर्म, स्वच्छता, शराब और मादक द्रव्यों के सेवन के दुष्प्रभावों, लैंगिक हिंसा और मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों के बारे में जागरूकता पैदा कि जाएगी. इस प्रयास में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्यकर्मियों के कौशल को निखारा जा सकेगा.

स्मृति ईरानी ने कहा कि उनका मंत्रालय विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों के सम्मान स्वरूप देश के दस प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों में अध्ययन पीठ स्थापित करने में विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के साथ सहयोग करेगा. चिकित्सा अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में भी महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से ऐसे ही सहयोग की पेशकश पर चर्चा की गई.