Herd Immunity: कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में हाहाकार मचा दिया है. इस वायरस से संक्रमण को रोकने के लिए दुनिया भर की एक बड़ी आबादी इन दिनों अपने घरों में कैद हैं. भारत में बढ़ते कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए तीन मई तक लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है. इस बीच दुनिया भर के वैज्ञानिक इसका इलाज ढूंढने में लगे हुए हैं. तमाम देश इसका वैक्सीन बनाने में जुटे हैं तो दिल्ली सहित भारत में कई जगहों पर प्लाज्मा थेरेपी को आजमाया जा रहा है. इस बीच इस महामारी से निपटने के लिए एक नया कॉन्सेप्ट आया है Herd Immunity का. आइए जानते है क्या होता है Herd Immunity. Also Read - सरकार ने होईकोर्ट को बताया, 'महाराष्ट्र में 13 हजार से अधिक कैदियों का कोविड-19 टीकाकरण किया गया'

अभी तक के वैज्ञानिक निष्कर्ष यही है कि कोरोना को केवल वैक्सीन से ही खत्म किया जा सकता है. लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि अभी तक दुनिया के किसी भी देश में वैक्सीन का विकास नहीं हुआ है. हां… कई जगह इसके विकास को लेकर बड़े दावे किए जा रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि वैक्सीन बनने में एक से डेढ़ साल का समय लग सकता है. इस कारण Herd Immunity का नया कॉन्सेप्ट आया है. Also Read - Coronavirus Delta Variant: डेल्टा स्वरूप के हावी होने की आशंका, 85 देशों में सामने आए मामले

क्या है हर्ड इम्यूनिटी
Herd Immunity का सीधा सा मतलब यह है कि इंसानों में कोरोना वायरस के प्रति Immunity को बढ़ा दिया जाए. मौजूदा समय में ऐसी Immunity डेवलप कराने का एक ही तरीका है लोग इस वायरस से संक्रमित हों और इलाज पाकर ठीक हों. इससे पीड़ित व्यक्ति के अंदर इस वायरस के प्रति Immunity डेवलप हो जाएगी. Herd Immunity की वकालत करने वाले लोग लॉकडाउन का विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि लोगों के बीमार पड़ने से हमें नहीं डरना चाहिए. उनकी दलील है कि जिस दिन 70-80 फीसदी आबादी में कोरोना के प्रति Immunity डेवलप हो जाएगी उस दिन यह बीमार अपने आप खत्म हो जाएगी. लेकिन यह आसान नहीं है. इसके भी कई अन्य पहलू हैं. कोरोना वायरस की चपेट में अधिक लोगों के आने से अस्पतालों पर काफी बुरा असर पड़ेगा. खासकर भारत जैसे देश की स्वास्थ्य व्यवस्था इस बोझ को झेलने के लिए तैयार नहीं है. ऐसी स्थिति में कोरोना से लोगों की मौत का आंकड़ा भी बढ़ेगा. इसलिए विशेषज्ञ लॉकडाउन को अच्छा मान रहे हैं. Also Read - COVID19 Cases: डेल्‍टा की आशंका के बीच देश में कोरोना के 54,069 नए केस, 1321 मौतों, एक्‍ट‍िव मरीज 6.27 लाख

भारत में कारगर होगी हर्ड इम्यूनिटी
प्रिंसटन यूनिवर्सिटी और सेंटर फॉर डिजीज डायनेमिक्स, इकोनॉमिक्स एंड पॉलिसी (CDDEP) के रिसर्चरों का मानना है कि भारत में हर्ड इम्यूनिटी की तकनीक कोरोना के खिलाफ लड़ने में कारगर हो सकती है. एक वेबसाइट के मुताबिक रिसर्चर कहते हैं कि यह कॉन्सेप्ट भारत जैसे देश में काम कर सकती है क्योंकि भारत की आबादी में युवाओं की संख्या ज्यादा है. इसलिए इनके बीमार पड़ने और अस्पतालों में भर्ती होने के बावजूद जान गंवाने का खतरा भी काफी कम रहेगा.

लॉकडाउन ज्यादा दिनों तक नहीं झेल सकता कोई देश
एक न्यूज चैनल के साथ बात करते हुए विशेषज्ञ जयप्रकाश मुलियाल कहते हैं कि कोई भी देश लंबे समय तक लॉकडाउन की मार नहीं झेल सकता है. भारत जैसे देश तो कदापि नहीं. यदि आप इस वायरस के संक्रमण को बुजुर्गों में फैलने से रोकते हुए हर्ड इम्यूनिटी तक पहुंच सकते हैं.