
Shweta Bajpai
नमस्कार, मैं श्वेता बाजपेई, वर्तमान में India.com हिंदी में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हूं. हिंदी पत्रकारिता में लगभग 10 वर्षों के अनुभव के दौरान मैंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एंटरटेनमेंट ... और पढ़ें
आज के समय में कई लोग डायबिटीज की समस्या से ग्रसित हैं, पहले से परेशानी सिर्फ बड़ों में देखने को मिलती थी, लेकिन आज के समय में छोटे भी इससे ग्रसित हैं. ये एक लाइलाज बीमारी है. हालांकि कई चीजों से इसे कंट्रोल किया जा सकता है. डायबिटीज केवल ब्लड शुगर की बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर के लगभग हर हिस्से को प्रभावित करती है. इसका सबसे ज़्यादा असर आंखों पर भी पड़ सकता है. लगातार बढ़ा हुआ शुगर लेवल आंखों की नसों को नुकसान पहुंचाता है, जिससे डायबिटिक आई डिज़ीज (Diabetic Eye Disease) का खतरा बढ़ जाता है. अगर इस समस्या के शुरुआती संकेतों को समय रहते पहचान लिया जाए तो गंभीर दृष्टि हानि या स्थायी अंधेपन से बचा जा सकता है. आइए जानते हैं वो 10 चेतावनी संकेत जो बताते हैं कि आपका ब्लड शुगर लेवल आपकी आंखों को नुकसान पहुंचा रहा है.
1. धुंधला दिखाई देना-
वैसे को डायबिटीज के कई लक्षण हो सकते हैं, लेकिन सबसे आम लक्षण है धुंधला दिखना, जब ब्लड शुगर बढ़ता है तो आंखों के लेंस में सूजन आने लगती है, जिससे चीज़ें साफ दिखाई नहीं देतीं. अगर अचानक या लगातार धुंधलापन महसूस हो, तो तुरंत अपना शुगर लेवल चेक करें और आंखों के डॉक्टर से सलाह लें.
2. डबल दिखाई देना-
कई बार ऐसा होता है कि हमे एक ही चीज दो बार दिखाई देने लग जाती है. हालांकि कई बार हम इसे इग्नोर कर देते हैं, लेकिन ये खतरे का संकेत हो सकता है. शुगर बढ़ने से आंखों की नसों में सूजन या डैमेज हो सकता है, जिससे दृष्टि प्रभावित होती है. डबल विजन बार-बार हो तो तुरंत जांच करवाएं.
3. रात में देखने में परेशानी होना-
हम में से कई लोगों को रात में कम दिखने लगता है या फिर देखने दिक्कत होने लगती है. ऐसे में ये हाई ब्लड शुगर का संकेत हो सकता है. दरअसल में रेटिना की छोटी रक्त नलिकाएं खराब हो जाती हैं, जिससे आंखों में पर्याप्त प्रकाश नहीं पहुंचता. ब्लड शुगर नियंत्रण में रखें और रेटिनोपैथी टेस्ट करवाएं.
4. तेज़ रोशनी से परेशानी-
अगर तेज रोशनी या धूप में आंखें चुभने लगें तो यह डायबिटिक रेटिनोपैथी का संकेत हो सकता है. हाई शुगर लेवल रेटिना की नसों को नुकसान पहुंचाता है, जिससे आंखें रोशनी के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाती हैं. धूप में सनग्लास पहनें और रेटिना की जांच ज़रूर करवाएं.
5. अचानक विजन लॉस होना-
अचानक दृष्टि धुंधली या गायब होना डायबिटीज का इशारा हो सकता है. यह डायबिटिक मैक्युलर एडीमा या रेटिनोपैथी का परिणाम हो सकता है. ऐसा होने पर तुरंत अस्पताल या आंखों के विशेषज्ञ से इमरजेंसी जांच कराएं.
6. आंखों में दर्द या दबाव महसूस होना-
कई बार हमें आंखों में भारीपन या दर्द महसूस होने की शिकायत होने लगती है, हालांकि कई बार यह ग्लूकोमा जैसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है. शुगर से आंखों की नसों में दबाव बढ़ सकता है और ऑप्टिक नर्व को नुकसान हो सकता है. ऐसे में नियमित रूप से आई प्रेशर की जांच कराएं.
7. आंखों में फ्लोटर्स या धब्बे दिखना-
डायबिटीज में आंखों के सामने छोटे-छोटे धब्बे या धुएं जैसे धब्बे होने की शिकायत हो सकती है, ऐसे में सावधान हो जाएं. रेटिना की नसों से खून या तरल रिसाव होने पर ये फ्लोटर्स दिखाई देते हैं, जो डायबिटिक रेटिनोपैथी का संकेत हो सकता है, तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ से जांच करवाएं.
8. आंखों में लालपन-
लगातार आंखों का लाल रहना या सूखापन भी डायबिटीज की वजह से हो सकता है. ब्लड शुगर बढ़ने से आंखों की नसें फैल जाती हैं, जिससे जलन या लालपन बढ़ जाता है. आंखों की नमी बनाए रखें और डॉक्टर की सलाह लें.
9. दृष्टि का बार-बार बदलना-
कभी साफ, कभी धुंधला सा दिखना शुगर लेवल के उतार-चढ़ाव से होता है. ग्लूकोज के बदलते स्तर से आंखों के लेंस का आकार बदल जाता है, जिससे दृष्टि अस्थिर हो जाती है. ब्लड शुगर को संतुलित रखें और नियमित नेत्र परीक्षण करवाएं.
10. आंखों की चोट-
अगर आंखों में हुई छोटी चोट या संक्रमण देर से ठीक हो तो यह भी डायबिटीज का असर है. उच्च शुगर स्तर शरीर की हीलिंग क्षमता को कम कर देता है. ऐसे मामलों में देरी न करें, तुरंत उपचार करवाएं,
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