
Shivendra Rai
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले शिवेन्द्र राय को हिंदी डिजिटल पत्रकारिता में 5 साल का अनुभव है. वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से इतिहास में एमए ... और पढ़ें
Human Metapneumovirus: कर्नाटक में ब्रोंकोन्यूमोनिया से पीड़ित दो बच्चों में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) के मामलों की पुष्टि के बीच अध्ययन में ये सामने आया है कि HMPV बच्चों के लिए अधिक जोखिम पैदा करता है. क्लीवलैंड क्लिनिक की रिपोर्ट के अनुसार, छोटे बच्चों और 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को इसका अधिक जोखिम है.
भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि HMPV एक वैश्विक रूप से प्रसारित होने वाला वायरस है, जिसका हाल ही में चीन में प्रकोप देखा गया है. यह कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले किसी भी व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है, लेकिन कम उम्र के शिशुओं को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है.
ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) एक सामान्य वायरस है जो आम तौर पर सर्दी जैसे लक्षण पैदा करता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि 5 साल की उम्र तक अधिकांश लोगों को कम से कम एक बार यह हो चुका होता है. अधिकांश मामलों में, कुछ दिनों के भीतर घर पर ही ठीक हो जाता है.
हालांकि, HMPV कभी-कभी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है. यह छोटे बच्चों और 65 वर्ष से अधिक उम्र के वयस्कों और कमज़ोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले व्यक्तियों गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि पहली बार HMPV होने पर आपके गंभीर रूप से बीमार होने की संभावना अधिक होती है, यही वजह है कि छोटे बच्चों में गंभीर बीमारी का जोखिम अधिक होता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि छोटे बच्चे और 65 वर्ष से अधिक उम्र के वयस्क ब्रोंकियोलाइटिस और निमोनिया जैसे गंभीर श्वसन लक्षणों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने भारत में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) के मामले सामने आने के बाद कहा कि सरकार स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है और चिंता की कोई बात नहीं है. उन्होंने कहा कि एचएमपीवी कोई नया वायरस नहीं है. स्वास्थ्य मंत्रालय, आईसीएमआर, देश की शीर्ष स्वास्थ्य अनुसंधान संस्था और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) चीन और अन्य पड़ोसी देशों में स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं.
नड्डा ने कहा कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि एचएमपीवी कोई नया वायरस नहीं है. इसकी पहली बार पहचान 2001 में हुई थी और यह पूरी दुनिया में फैल रहा है. उन्होंने कहा कि एचएमपीवी सांस के जरिए हवा में फैलता है. नड्डा ने कहा कि यह सभी आयु वर्ग के लोगों को प्रभावित कर सकता है. यह वायरस सर्दियों और शुरुआती वसंत के महीनों में अधिक फैलता है. स्वास्थ्य अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि कर्नाटक में दो और गुजरात में एक शिशु तथा तमिलनाडु में दो बच्चे एचएमपीवी से संक्रमित पाए गए हैं.
(एजेंसी इनपुट के साथ)
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