विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों और युवाओं को कैफीनयुक्त एनर्जी ड्रिंक्स बेचने पर प्रतिबंध लगाने की जरूरत है, ताकि लोगों को मोटापे और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से बचाया जा सके. कैफीन संभवत: दुनिया भर में सबसे ज्यादा प्रयोग किए जाने वाला साइकोएक्टिव ड्रग है, क्योंकि यह ध्यान और जागरुकता में इजाफा कर शारीरिक सक्रियता को बढ़ा देता है. Also Read - डॉक्टर्स की नहीं मानी सलाह, पोलैंड जाने के लिए बिग बी ने किया बैग पैक, सदी के महानायक हैं, रोकने से ना रुकेंगे

ब्रिटेन के रॉयल कॉलेज ऑफ पेडियाट्रिक्स एंड चाइल्ड हेल्थ (आरसीपीसीएच) के प्रोफेसर रसेल वाइनर का कहना है, “लेकिन इसके साथ ही कैफीन व्यग्रता को बढ़ाता है और नींद में रुकावट पैदा करता है, तथा यह बच्चों में व्यवहार संबंधी समस्याओं से जुड़ा हुआ है.” Also Read - गुस्‍सा ज्‍यादा आता है तो समझ लीजिए कि सेहत बहुत खराब है!

हाल की स्टडी से यह जानकारी भी मिली है कि यह विकास कर रहे दिमाग पर चिंताजनक प्रभाव डालते हैं. वाइनर ने कहा कि यह चिंताजनक है, क्योंकि मनोवैज्ञानिक तनाव से जोखिम भरे व्यवहार का खतरा पैदा हो सकता है, जिसमें ड्रग का प्रयोग या अकादमिक प्रदर्शन में कमी शामिल है. उन्होंने द बीएमजे जर्नल में प्रकाशित अपने पर्चे में कहा, “इसलिए बच्चों और युवाओं को कैफीनयुक्त एनर्जी ड्रिंक्स बेचने पर प्रतिबंध लगाना चाहिए, ताकि मोटापे और मानसिक स्वास्थ्य समस्या की जुड़वां महामारी को रोका जा सके.” Also Read - हेल्‍थ हो खराब तो नेगेटिव हो जाता है मिजाज, शोध में चौंकाने वाले नतीजे...

वैसे ये कोई पहली स्टडी नहीं है जिससे एनर्जी ड्रिंक्स के खतरे उजागर हुए हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि एनर्जी ड्रिंक्स शरीर के लिए काफी खतरनाक हैं और इसमें शुगर लेवल भी तय मात्रा से ऊपर होता है.