अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भले ही मलेरिया-रोधी दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन (Hydroxychloroquine) को ‘गेम चेंजर’ करार दिया हो, लेकिन एक शोध में पता चला है कि कोरोनावायरस के मरीजों के इलाज में यह दवा फायदेमंद नहीं है. मेडआर्काइव के प्रीप्रिंट रिपोजिटरी में प्रकाशित निष्कर्षो के अनुसार, उन लोगों की मौत होने का जोखिम ज्यादा बढ़ गया, जिनका इलाज हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन से किया गया था. Also Read - Veda Krishnamurthy पर टूटा दुखों का पहाड़, मां के बाद कोरोना ने छीनी अब बहन की जिंदगी

अध्ययन के लिए, शोधकर्ताओं ने 11 अप्रैल तक अमेरिका के भी ‘वेटरन्स हेल्थ एडमिनिस्ट्रेशन मेडिकल सेंटर’ कन्फर्म सार्सकोविड-2 संक्रमण के साथ अस्पताल में भर्ती रोगियों के डेटा का पूर्वव्यापी विश्लेषण किया. मरीजों को सिर्फ हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन (एचसी)या एंटीबायोटिक एजिथ्रोमाइसिन (एचसी प्लस एजी)के साथ देने के आधार पर कोविड-19 के लिए मानक सहायक प्रबंधन के अलावा उपचार के रूप में वर्गीकृत किया गया था. Also Read - रेप मामले में सजा काट रहे Asaram Bapu हुए कोरोना संक्रमित, ICU में हुए भर्ती

कुल 368 मरीजों का मूल्यांकन किया गया. जिन्हें सिर्फ हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन दिया गया था उस समूह में मृत्यु की दर 27.8 प्रतिशत थी. परिणाम ने दर्शाया कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन और एजिथ्रोमाइसिन समूह में मृत्यु की दर 22.1 प्रतिशत थी और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन नहीं देने पर यह 11.4 प्रतिशत से भी कम था. शोधकर्ताओं ने पाया कि ‘नो एचसी ग्रुप’ की तुलना में एचसी ग्रुप में और एचसी प्लस एजी समूह में वेंटिलेशन का जोखिम समान था. Also Read - Arshi Khan की कोविड रिपोर्ट निगेटिव, अब इस बात का है इंतजार

डॉर्न रिसर्च इंस्टीट्यूट (कोलंबिया वीए हेल्थ केयर सिस्टम एंड कॉलीग्स) के जोसेफ मैगेगनोली ने कहा, “इस अध्ययन में हमें कोई सबूत नहीं मिला कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन का इस्तेमाल अकेले या तो एजिथ्रोमाइसिन के साथ करने पर अस्पताल में भर्ती कोविड-19 रोगियों में मैकेनिकल वेंटिलेशन का जोखिम कम रहता है.”

कोविड-19 के रोगियों के इलाज में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन के इस्तेमाल को लेकर सीमित और परस्पर विरोधी आंकड़ों के बावजूद, अमेरिका के ‘फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन’ ने इस दवा के आपातकालीन उपयोग को ऐसी स्थिति के लिए अधिकृत कर दिया है, जब नैदानिक परीक्षण अनुपलब्ध या अव्यवहार्य हो.