किडनी से जुड़ी बीमारियां अब आम हो रही हैं. डॉक्टर्स का कहना है कि आधुनिक लाइफस्टाइल इसकी बड़ी वजह है. अगर इनसे बचना है तो खाने-पीने में विशेष सावधानी बरतने की आवश्कयता है.

Tips: जीरा पानी से बढ़ती है पाचन शक्ति, कंट्रोल में रहता है BP, ये है पीने का सही तरीका…

डायबिटीज (मधुमेह), उच्च रक्तचाप एवं मोटापे की वजह से किडनी (गुर्दा) फेल होने का खतरा बना रहता है. इस बीमारी से बचने के लिए सावधानी सबसे ज्यादा जरूरी है. किडनी को दुरुस्त रखने के लिए चिकित्सक पांच चीजों से बचने की सलाह देते हैं जो कि काफी उपयोगी हैं.

बीएलके सुपरस्पेशियल्टी अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक एवं नेफ्रोलोजी एंड रेनल ट्रांसप्लांटेशन के डायरेक्टर डॉ. सुनील प्रकाश ने कहा ‘अंग्रेजी के एस अक्षर से शुरू होने वाली पांच बातों से किडनी को बचाकर रखने की जरूरत है- साल्ट ( नमक), शुगर (चीनी), स्ट्रेस (तनाव), स्मोकिंग ( सिगरेट बीड़ी पीना) एवं सेडेंटरी लाइफ स्टाइल (बैठे ठाले रहना यानी हमेशा निष्क्रिय रहना)’.

Kidney

सत्यराज किडनी केयर फाउंडेशन संस्था द्वारा किडनी की चेतना जगाने को लेकर रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम में डॉ. प्रकाश ने किडनी पर बढ़ते खतरों को रेखांकित करते हुए आम लोगों के बीच इसको लेकर व्यापक चेतना अभियान चलाए जाने की जरूरत पर बल दिया. उन्होंने कहा कि किडनी फेल होने की स्थिति में डायलिसिस और किडनी प्रत्यारोपण की स्थिति न आए इसलिए यह जरूरी है कि किडनी को लेकर शुरू से ही सावधानी बरती जाए.

T‍ips: चिकन सूप पीने के क्‍या फायदे हैं? क्‍या दूर होती है हर तरह की कमजोरी?

उन्होंने कहा कि खराब हो गए गुर्दे के इलाज में इतना खर्च होता है कि यह हर आदमी के बूते की बात नहीं है. इसलिए किडनी को दुरुस्त बनाए रखने में ही समझदारी है.
डा. प्रकाश ने कहा कि किडनी की बीमारी अंतिम चरण में पहुंच जाए यानी वह काम करना बंद कर दे तो डायलिसिस और प्रत्यारोपण जैसे इलाज बेहद महंगे हैं, इसलिए किडनी को रोगों से बचा कर रखना ही सबसे सही रास्ता है.

किडनी को बीमार ही न होने दें. मधुमेह, उच्च रक्तचाप व मोटापे के बढ़ते हुए मामलों पर चिंता प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि आज शरीर की सेहत के लिए बेहद महत्वपूर्ण अंग किडनी के चारों तरफ खतरे मंडरा रहे हैं, इसलिए आम लोगों में किडनी को बीमारियों से बचाने के लिए गहन चेतना अभियान चलाए जाने की जरूरत है.
(एजेंसी से इनपुट)

लाइफस्टाइल की और खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.