नई दिल्‍ली: मध्य प्रदेश के इंदौर में स्वाइन फ्लू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. इसके कारण 2019 में अब तक इंदौर के स्थानीय अस्पतालों में दम तोड़ने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 41 पर पहुंच गयी है. स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के मुताबिक जनवरी से अब तक, स्वाइन फ्लू के 644 नमूने जांच के लिए भेजे, जिनमें से 152 पॉजीटिव पाए गए थे, जबकि 10 की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है.

 

न्‍यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में प्रवीण जादिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, इंदौर ने बताया कि 41 मौतों में से 20 की मौत इंदौर से हुई थी. वर्तमान में, स्वाइन फ्लू के 19 मरीज भर्ती हैं. जदिया ने कहा कि हमने बुखार क्लीनिक और स्क्रीनिंग केंद्रों की संख्या में वृद्धि की है, मरीजों को वहां प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है. स्वाइन फ्लू एक संक्रमण है, जो कई स्वाइन इन्फ्लूएंजा वायरस (SIV) के कारण होता है, जिसमें H1N1 देश भर में सबसे आम है.

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स्वाइन फ्लू के लक्षण
1. स्वाइन फ्लू एक तीव्र संक्रामक रोग है, जो एक विशिष्ट प्रकार के एंफ्लुएंजा वाइरस (एच-1 एन-1) के द्वारा होता है.
2. प्रभावित व्यक्ति में सामान्य मौसमी सर्दी-जुकाम जैसे ही लक्षण होते हैं, जैसे –
3. नाक से पानी बहना या नाक बंद हो जाना.
4. गले में खराश.
5. सर्दी-खांसी, बुखार.
6. सिरदर्द, शरीर दर्द, थकान, ठंड लगना, पेटदर्द.
7. कभी-कभी दस्त उल्टी आना.
8. कम उम्र के व्यक्तियों, छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को यह तीव्र रूप से प्रभावित करता है.
9. इसका संक्रमण रोगी व्यक्ति के खांसने, छींकने आदि से निकली हुई द्रव की बूंदों से होता है. रोगी व्यक्ति मुंह या नाक पर हाथ रखने के पश्चात जिस भी वस्तु को छूता है, पुन: उस संक्रमित वस्तु को स्वस्थ व्यक्ति द्वारा छूने से रोग का संक्रमण हो जाता है.
10. संक्रमित होने के पश्चात 1 से 7 दिन के अंदर लक्षण उत्पन्न हो जाते हैं.

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ऐसे करें बचाव
1. खांसी, जुकाम, बुखार के रोगी दूर रहें.
2. आंख, नाक, मुंह को छूने के बाद किसी अन्य वस्तु को न छुएं व हाथों को साबुन/ एंटीसेप्टिक द्रव से धोकर साफ करें.
3. खांसते, छींकते समय मुंह व नाक पर कपड़ा रखें.
4. सहज एवं तनावमुक्त रहिए. तनाव से रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता कम हो जाती है जिससे संक्रमण होने की संभावना बढ़ जाती है.
5. स्टार्च (आलू, चावल आदि) तथा शर्करायुक्त पदार्थों का सेवन कम करिए. इस प्रकार के पदार्थों का अधिक सेवन करने से शरीर में रोगों से लड़ने वाली विशिष्ट कोशिकाओं (न्यूट्रोफिल्स) की सक्रियता कम हो जाती है.
6. दही का सेवन नहीं करें, छाछ ले सकते हैं. खूब उबला हुआ पानी पीयें व पोषक भोजन व फलों का उपयोग करें.
7. सर्दी-जुकाम, बुखार होने पर भीड़भाड़ से बचें एवं घर पर ही रहकर आराम करते हुए उचित (लगभग 7-9 घंटे) नींद लें.