शरीर में होने वाली हर छोटी परेशानी को हम अक्सर थकान, ज्यादा काम या नींद की कमी से जोड़ देते हैं. खासकर कमजोरी, चक्कर आना या थोड़ी दूर चलने पर सांस फूलना जैसी दिक्कतों को लोग सामान्य मान लेते हैं. लेकिन कई बार इन समस्याओं के पीछे शरीर में किसी जरूरी पोषक तत्व की कमी हो सकती है, आयरन भी ऐसा ही जरूरी पोषक तत्व है, जिसकी कमी धीरे-धीरे शरीर पर असर डाल सकती है.
आयरन क्यों है जरूरी?
आयरन हमारे शरीर के लिए इसलिए जरूरी है क्योंकि इसकी मदद से हीमोग्लोबिन बनता है. हीमोग्लोबिन खून में मौजूद एक जरूरी हिस्सा है, जो फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाता है. अगर शरीर में आयरन कम हो जाए, तो हीमोग्लोबिन भी कम हो सकता है. आयरन की कमी में व्यक्ति को हर समय थकान महसूस होती है. थोड़ा काम करने के बाद ही कमजोरी लगती है. कई बार सीढ़ियां चढ़ने या तेज चलने पर सांस भी फूलने लगती है अगर आयरन की कमी लंबे समय तक बनी रहे, तो एनीमिया का कारण बन सकती है.
आयरन की कमी किसी भी व्यक्ति को हो सकती है, लेकिन कुछ स्थितियों में इसका जोखिम बढ़ जाता है. बच्चों और किशोरों के शरीर में विकास के दौरान आयरन की जरूरत बढ़ती है, वहीं मासिक धर्म के दौरान ज्यादा रक्तस्राव होने वाली महिलाओं में भी आयरन की कमी का खतरा रहता है. गर्भावस्था के दौरान भी शरीर को ज्यादा आयरन की जरूरत होती है. इसी तरह अगर खाने में आयरन वाली चीजें पर्याप्त मात्रा में शामिल नहीं हैं, तो भी इसकी कमी हो सकती है. कुछ लोगों को पेट या आंत से जुड़ी बीमारी होती है, जिसकी वजह से खाना खाने के बाद आयरन शरीर में ठीक से नहीं पहुंच पाता. ऐसे मामलों में भी आयरन की कमी हो सकती है.
डॉक्टर से लें सलाह-
बार-बार ब्लड डोनेट करने या किसी ऑपरेशन के दौरान ज्यादा खून निकलने के बाद भी शरीर में आयरन कम हो सकता है. अगर बार-बार आयरन की कमी सामने आ रही है, तो डॉक्टरों से सलाह लेनी जरूरी हैं. आयरन की कमी के लक्षण जानना बेहद जरूरी है. सबसे पहले लगातार थकान और कमजोरी महसूस होती है. आराम करने के बाद भी शरीर में ऊर्जा कम लगती है. इसके अलावा चक्कर आना, सिरदर्द, सांस फूलना और काम करते समय जल्दी थक जाना भी इसके संकेत हो सकते हैं. कुछ लोगों को किसी काम पर ध्यान लगाने में परेशानी हो सकती है.
आयरन की कमी का असर शरीर के बाहर भी दिखाई दे सकता है. त्वचा पहले से ज्यादा पीली लगती है, बाल ज्यादा झड़ते हैं और नाखून कमजोर होकर जल्दी टूटते हैं. कुछ लोगों के हाथ-पैर ठंडे रहने की शिकायत भी हो सकती है. हालांकि इन सभी लक्षणों का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को आयरन की कमी ही है. दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं में भी ऐसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. अगर लंबे समय से थकान, कमजोरी, चक्कर या सांस फूलने जैसी परेशानी हो रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें. डॉक्टर से सलाह लेकर जरूरी जांच कराना बेहतर है. (input-आईएएनएस)
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