क्या बिना ऑपरेशन ठीक हो सकता है मोतियाबिंद? डॉक्टर ने बताया सच

बुढ़ापे में अक्सर लोगों को मोतियाबिंद की शिकायत होने लगती है, ऐसे में उन्हें ऑपरेशन का सहारा लेना पड़ता है, लेकिन अक्सर दिमाग में ये सवाल आता है कि क्या मोतियाबिंद का इलाज सिर्फ ऑपरेशन है? आइए डॉक्टर से जानते हैं.

Published date india.com Published: July 29, 2025 8:24 AM IST
क्या बिना ऑपरेशन ठीक हो सकता है मोतियाबिंद? डॉक्टर ने बताया सच

मोतियाबिंद, जिसे कैटरेक्ट कहा जाता है, उम्र बढ़ने के साथ आंखों में होने वाली एक आम समस्या है. इसमें आंख के अंदर मौजूद नेचुरल लेंस धीरे-धीरे धुंधला होने लगता है, जिससे साफ देखना मुश्किल हो जाता है. यह स्थिति धीरे-धीरे बढ़ती है और अगर समय पर इलाज न किया जाए तो अंधेपन तक पहुंच सकती है. ऐसे में बहुत से लोग ऑपरेशन का सहारा लेते हैं, लेकिन अक्सर ये सवाल उठता है कि क्या मोतियाबिंद का इलाज बिना ऑपरेशन संभव है? ऐसे में आज इसका जवाब हम डॉ. पवन गुप्ता (वरिष्ठ – मोतियाबिंद एवं रेटिना सर्जन, आई 7 हॉस्पिटल्स लाजपत नगर एवं विजन आई क्लिनिक नई दिल्ली) से जानेंगे.

  • एक मात्र ऑपरेशन ही सहारा-

डॉ. पवन गुप्ता ने बताया किमोतियाबिंद का एकमात्र स्थायी इलाज ऑपरेशन ही है. दवाइयों, आई ड्रॉप्स या घरेलू उपायों से इसे पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता।.जब लेंस एक बार धुंधला हो जाता है, तो उसे दवाइयों से साफ नहीं किया जा सकता.

कई बार मरीजों को शुरुआत में ज्यादा दिक्कत नहीं होती. ऐसे में अगर ऑपरेशन तुरंत नहीं कराना चाहते तो अस्थायी तौर पर चश्मा बदलकर कुछ हद तक नजर को सुधारने की कोशिश की जा सकती है, लेकिन यह सिर्फ कुछ समय के लिए राहत देता है, समस्या को जड़ से खत्म नहीं करता.

  • सर्जरी एक आम प्रक्रिया-

कैटरेक्ट सर्जरी एक सुरक्षित और आम प्रक्रिया है. इसमें आंख के धुंधले लेंस को निकालकर उसकी जगह एक नया, साफ आर्टिफिशियल लेंस लगाया जाता है. ये लेंस जीवन भर काम करता है और मरीज की नजर फिर से साफ हो जाती है. ऑपरेशन में ज्यादा समय नहीं लगता और ज्यादातर मामलों में मरीज को उसी दिन घर भेज दिया जाता है. आजकल की आधुनिक तकनीकों के चलते कैटरेक्ट ऑपरेशन न तो दर्दनाक होता है और न ही ज्यादा जोखिम भरा. बुजुर्गों के लिए भी यह प्रक्रिया सुरक्षित मानी जाती है.

मोतियाबिंद का इलाज केवल ऑपरेशन से ही संभव है. दवाइयों से या घरेलू उपायों से इसे पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता. इसलिए अगर नजर धुंधली हो रही है या मोतियाबिंद की शुरुआती पहचान हो गई है, तो समय पर आंखों के डॉक्टर से सलाह लें और ऑपरेशन के लिए सही समय का इंतजार न करें. इससे आंखों की रोशनी को लंबे समय तक बनाए रखा जा सकता है.

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Health की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.