Remdesivir Medicine: भारत में कोविड-19 रोगियों के लिए एंटी-वायरल दवा रेमडेसिविर के उपलब्ध होने में अभी कुछ और हफ्ते लग सकते हैं क्योंकि इस दवा का निर्माण देश में कर रही फार्मास्यूटिकल कंपनियां अभी सुरक्षा और गुणवत्ता डेटा तैयार करने के काम में लगी हुई हैं, हालांकि दवा को जल्द से जल्द बाजार में उपलब्ध कराने के लिए तेज प्रयास किए जा रहे हैं. गौरतलब है कि रेमडेसिविर को कोविड-19 के इलाज के लिए कारगर माना जा रहा है. Also Read - Coronavirus in Jharkhand: कोविड-19 संक्रमण के 42 और मामलो के साथ संक्रमित लोगों की संख्या हुई 2739

भारत के दवा नियामक ने देश में कोविड-19 के उपचार के रूप में रेमडेसिविर के इस्तेमाल के लिए एक जून को अमेरिकी फार्मा कंपनी गिलीयड साइंसेज के विपणन प्राधिकरण को मंजूरी दे दी थी. चार कंपनियां- हेटेरो, जुबिलेंट लाइफ साइंसेज, सिप्ला और माइलान एनवी के साथ दवा के मूल निर्माता ‘गिलियड साइंसेज’ ने गैर-विशिष्ट लाइसेंसिंग समझौता किया है, जिन्हें अभी भी भारत में रेमडेसिविर के विनिर्माण और बिक्री के लिए डीसीजीआई से मंजूरी का इंतजार है. Also Read - कोरोना के नए प्रकार के कारण वैश्विक स्तर पर संक्रमण के बढ़े मामले, जानिए इसके पीछे की वजह

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को अपने संशोधित ‘क्लिनिकल मैनेजमेंट प्रोटोकॉल फॉर कोविड​​-19’ में, इस बीमारी से पीड़ित उन रोगियों पर आपातकालीन उपाय के तहत रेमडेसिविर के उपयोग की सिफारिश की है, जो ऑक्सीजन सपोर्ट पर है. हालांकि गुर्दे संबंधी गंभीर समस्या से पीड़ित मरीजों और 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए इस दवा का इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी गई है. इस घटनाक्रम से जुड़े एक सूत्र ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘चार फार्मा कंपनियों ने भारत में रेमडेसिविर के विनिर्माण और बिक्री की अनुमति के लिए आवेदन किया है, जो अभी तक परीक्षण रिपोर्ट और सुरक्षा व स्थिरता डेटा तैयार नहीं कर पाई हैं. Also Read - दिल्ली में कोरोना के 2,505 नए मामले सामने आए, 10 लाख की आबादी पर किए जा रहे 32,650 टेस्ट

उन्होंने बताया, ‘‘उनमें से कुछ ने दवा का उत्पादन किया है. गुणवत्ता और सुरक्षा पहलुओं पर दवा जांच करने के लिए उसकी आणविक यौगिक का परीक्षण हमारी सीडीएससीओ लैब में किया जाएगा. दवा को जल्द से जल्द बाजार में उपलब्ध कराने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं.’’ आपातकालीन स्थिति और कोरोना वायरस के प्रकोप के मद्देनजर दवाओं की अत्यंत आवश्यकता को देखते हुए रेमडेसिविर के लिए मंजूरी प्रक्रिया में तेजी लाई गई है.