World AIDS Day 2019: 1 दिसंबर को पूरे विश्व में हर साल विश्व एड्स दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने के पीछे का मुख्य उद्देश्य एड्स के बारे में लोगों की जागरूकता बढ़ाना है. एक्वायर्ड इम्यूनो डिफिशिएंसी सिंड्रोम (AIDS) एक ऐसी महामारी संबंधी बीमारी है जो संक्रमण के कारण होती है. ह्यूमन इम्यूनो डेफिशिएंसी वायरस (HIV) का संक्रमण इम्यून सिस्टम को बुरी तरह से नुकसान पहुंचाती है. और अंतत: व्यक्ति मौत का शिकार हो जाता है.

विश्व एड्स दिवस: खास बातें
– विश्व एड्स दिवस पहली बार 1988 में मनाया गया था.
– हर साल दुनिया भर में विभिन्न संगठन द्वारा HIV के प्रति लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाते हैं.
– जानकारी के मुताबिक एड्स से पीड़ित दस लाख से अधिक किशोर इन देशों में भारत, दक्षिण अफ्रीका, नाइजीरिया, केन्या, मोजांबिक और तंजानिया रह रहे हैं.
– एक अनुमान के अनुसार वर्ष 1981 से 2007 के बीच HIV संक्रमण से करीब 25 लाख लोगों की मौत हुई.
– वर्ष 2016 में AIDS से करीब 10 लाख लोगों की मौत हुई.
– वर्ष 2016 में HIV से 3.67 करोड़ लोगों में से 1.95 करोड़ लोग इसका उपचार ले रहे हैं.
– HIV रोगियों के साथ होने वाले भेदभाव के खिलाफ लड़ने और उचित उपचार के लिए विभिन्न उपाय किए गए हैं.
– यह दिन देख-रेख करने के लिहाजे से महत्वपूर्ण है.
– HIV पूरी तरह से खत्म न हो जाए इसके लिए हम लोगों को एकजुट होकर इस बीमारी से लड़ने की जरुरत है.
– इस वर्ष विश्व एड्स दिवस 2019 की थीम “एचआईवी / एड्स महामारी समाप्त: समुदाय द्वारा समुदाय” है.
– यह दिन HIV से लड़ने का हिम्मत देता है.

विश्व एड्स दिवस 2019: प्रेरक संदेश
– “कभी नहीं, कभी नहीं, कभी हार नहीं मानो.” -विंस्टन चर्चिल
– “अपनी पूर्व धारणा को छोड़ने में कभी भी देरी मत करो.” -हेनरी डेविड थोरयू
– “सबसे महत्वपूर्ण बात है कि बीमारी में कभी भी मायूस नहीं होना चाहिए.” -निकोलाई लेनिन
– “अंधकार से खुद को प्रकाश की ओर लाने की हिम्मत करो.” -नारमन बी. चावल
– “यह काफी बुरा है कि लोग एड्स से मर रहे हैं, लेकिन किसी को भी अज्ञानता से नहीं मरना चाहिए.” -एलीजाबेथ टेलर