नई दिल्ली: प्रेग्नेंसी के बाद अक्सर महिलाओं को डिप्रेशन हो जाता है. आखिर ऐसा क्यों होता है? वैज्ञानिकों ने इस बात का पता लगा लिया है.

भुट्टा खाने के तुरंत बाद नहीं पीना चाहिए पानी, होते हैं ये नुकसान…

शोध में बताया गया है कि ऐसी महिलाएं जिनकी गर्भावस्था के आखिरी महीनों के दौरान दिन छोटे रहते हैं और उन्हें सूरज की रोशनी कम मिल पाती है, उन्हें प्रसव के बाद अवसाद पैदा होने का ज्यादा खतरा होता है. भारतीय मूल की एक वैज्ञानिक के नेतृत्व में किए गए अध्ययन में यह बात सामने आई है.

depression

यह अध्ययन ‘जर्नल ऑफ बिहेवियरल मेडिसिन’ में प्रकाशित हुआ है. अध्ययन सूरज की रोशनी और अवसाद के बीच संबंधों के बारे में पहले से मौजूद जानकारी के अनुरूप है.

अमेरिका स्थित सान जोस स्टेट यूनिवर्सिटी की दीपिका गोयल और उनके सहकर्मियों ने जो पता लगाया है, वह चिकित्सकों के लिए जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को विटामिन डी की मात्रा बढ़ाने की सलाह देने में मददगार हो सकता है.

Interview: प्लास्टिक बोतल और एल्युमिनियम फॉयल भी हैं बाल झड़ने और जल्दी बुढ़ापे की वजह!

depression

अनुसंधानकर्ताओं ने अध्ययन में शामिल की गई 293 महिलाओं से मिली सूचना का विश्लेषण किया. अमेरिका के कैलिफोर्निया से अध्ययन में शामिल की गई ये सभी महिलाएं पहली बार मां बनी थीं.

उनकी गर्भावस्था के आखिरी तीन महीनों के आंकड़ों को शामिल किया गया. इसमें महिलाओं की उम्र, उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति और वे कितने घंटे सोती हैं जैसे कारकों को शामिल किया गया. अध्ययन में शामिल महिलाओं में अवसाद का 30 प्रतिशत जोखिम पाया गया.

(एजेंसी से इनपुट)

लाइफस्टाइल की और खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.