नई दिल्‍ली: सावन के महीने में भगवान भोलेनाथ की अराधना होती है. सोमवार के व्रत रखे जाते हैं. इस पूरे महीने सात्‍व‍िक धर्म का पालन करने की परंपरा है. चूंकि रहन-सहन में भोजन का अहम स्‍थान है, इसलिए इसके बारे में भी काफी बातें बताई गई हैं.

सावन के व्रत और कथा के बारे में तो लगभग हर कोई जानता है. लेकिन क्‍या आप ये जानते हैं कि सावन के महीने में खानपान में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. हम बताते हैं.

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Green leafy vegetables

ये तो आप जानते ही होंगे कि सावन में हरे रंग का खास महत्व होता है. लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी कि इस दौरान हरे पत्तेदार सब्जियां खाना मना होता है.
कारण-
कहा जाता है कि हरि पत्तेदार सब्जियां शरीर में वात को बढ़ाती हैं. इसलिए इन्हें खाने से बचना चाहिए. वहीं, इसका अगर वैज्ञानिक कारण देखा जाए तो सावन का महीना बारिश का होता है और पत्तेदार सब्जियों में कीड़े मिलते हैं, इसलिए इनके सेवन से लोगों को बचना चाहिए.

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बैंगन की सब्जी खाने की मनाही होती है.
कारण-
इसके पीछे धार्मिक मान्यताएं हैं. इनके मुताबिक बैंगन को अशुद्ध सब्‍जी माना जाता है. इसलिए सावन के महीने में इसे खाने की मनाही होती है.

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कच्चे दूध के सेवन की मनाही होती है.
कारण-
कहा जाता है कि कच्चा दूध भगवान को अर्पित किया जाता है, इसलिए इसका सेवन करने से बचना चाहिए.

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Kadhi Chawal

सावन के दौरान कढ़ी भी खाने की मनाही होती है.
कारण-
कहा जाता है कि कढ़ी में प्याज और दूध से बनने वाली ही का इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए इसे नहीं खाना चाहिए.

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मांस मच्‍छी के सेवन की मनाही होती है. इसी तरह लहसुन, प्‍याज के सेवन से बचने को कहा जाता है.
कारण-
इस समय में तामसिक प्रवृत्ति के भोजनों को ना खाने की परंपरा इसका कारण है.

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