नई दिल्ली: भारत के खसरा टीकाकरण अभियान से 2010 से 2013 के बीच हजारों बच्चों की जान बचाने में मदद मिली है. एक नये अध्ययन में यह बात सामने आई. ईलाइफ पत्रिका में प्रकाशित परिणामों के अनुसार खसरा टीकाकरण अभियान से 2010 से 2013 के दौरान भारत में 41 हजार से 56 हजार तक बच्चों को बचाने में मदद मिली. Also Read - लगातार दूसरा शतक जड़ने वाले स्मिथ ने किया खुलासा- दूसरे वनडे में खेलने पर संशय था

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कनाडा स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो के प्रभात झा समेत अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि जिन राज्यों में अभियान चलाया गया उनमें गैर-अभियान वाले राज्यों की तुलना में एक महीने से 56 महीने तक के बच्चों की मृत्युदर में कमी आई. अध्ययन के परिणामों में कहा गया है कि भारत में खसरे से शिशुओं की मौत के मामलों में कमी लाई जा सकती है, हालांकि इसके लिए भारत के बच्चों में टीकाकरण की दर बढ़ाने पर सतत ध्यान देना होगा और निगरानी रखनी होगी. Also Read - भारत की मेजबानी में 30 नवंबर को एससीओ नेताओं की बैठक में भाग लेंगे चीन के प्रधानमंत्री

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पहले कम थी बच्‍चों में टीकाकरण की दर
अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार सरकार ने 2010 में सामूहिक टीकाकरण अभियान के साथ की दूसरी खुराक को लागू किया था. यह अभियान उन जिलों में शुरू किया गया जहां बच्चों में टीकाकरण की दर कम थी. सेंट माइकल्स हॉस्पिटल के एपिडेमियोलॉजिस्ट बेंजामिन वांग ने कहा कि हम जानते हैं कि भारत में खसरे से शिशु मृत्यु के मामलों में कमी आई है, लेकिन इस अध्ययन से पहले हमें यह नहीं पता था कि क्या राष्ट्रीय खसरा अभियान से शिशु मृत्युदर में कमी आई है.

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