लखनऊ: दिनोदिन बढ़ रहा वायु प्रदूषण सबकी चिंता का विषय बना हुआ है. ऐसे में वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि औषधीय पौधे लगाने से हम वातारण को शुद्ध रख सकते हैं. केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. राजेश वर्मा का कहना है कि खस, पामा, रोजा, वच और तुलसी के पौधे प्रकाश संश्लेषण के दौरान कार्बन डाइऑक्साइड को ज्यादा अवशोषित करते हैं. इन्हें घरों के आस- पास लगाने से वायु प्रदूषण कम होंने की संभावना रहती है.”

डॉ. राजेश वर्मा ने बताया कि ऐसे कई पौधे हैं जो कार्बनडाइ ऑक्साइड खींचते हैं. इन्हें बगीचे या गमले में लगाने से वहां की हवा को शुद्ध रखा जा सकता है. डॉ. वर्मा ने कहा कि एरेका पाम एक ऐसा पौधा है जो कार्बन डाइऑक्साइड को सीधे ऑक्सीजन में बदल देने की क्षमता रखता है. साथ ही यह हवा को फिल्टर कर उसे शुद्ध बनाने में ये पौधा मददगार है. इसलिए सोसायटी और घरों में ऐसे पौधे लगाए जाने चाहिए, जिसकी पत्तियां खुश्क और रेशेदार हों. इससे वातावरण काफी अच्छा रहता है.

वैज्ञानिक राजेश वर्मा ने बताया कि एलोवेरा में कई सारे औषधीय गुण मौजूद रहते हैं. इस पौधे को उगने के लिए पानी की जरूरत भी कम होती है. यह वातारण को शुद्ध रखने के साथ कई प्रकार की बीमारियों का भी हरण करता है. इसी प्रकार तुलसी बहुत बड़ी औषधि माना जाता है. इसका इस्तेमाल कई बीमारियों को कम करने और वायु प्रदूषण से बचाने का एक कारगर उपाय है.