26 दिसंबर का दिन दिल के मरीजों के लिए काले दिन की तरह होता है। इस दिन सबसे ज्यादा लोग दिल के दौरे के शिकार बनते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि ये क्या बकवास है? लेकिन सच मानिए ये बकवास नहीं है ये कई सालों की शोध आधारित रिपोर्ट के आंकड़े हैं जिनमें ये खुलासा हुआ है कि 26 दिसंबर के दिन सबसे ज्यादा मौतें दिल के दौरे से होती हैं।Also Read - Dog Health: डॉग में दिख रहे हैं ये लक्षण तो ना करें इग्नोर, हो सकती है दिल की बीमारी

Also Read - हृदय रोग से ग्रसित कोरोना संक्रमितों को जान का खतरा अधिक, जानिए क्या है इस पर एक्सपर्ट की राय 

दरअसल एक दिन पहले क्रिसमस की पार्टी में अचानक लोगों के बीच बेहिसाब एल्कोहल और जंक फूड का इस्तेमाल बढ़ जाता है। यही वजह है कि अगले दिन दिल के दौरे, अरहाइथमाइस और कार्डिएक अरेस्ट  यानि हार्ट फेल हो जाने के मामले बढ़ जाते हैं। एक ताजा शोध में यह बात सामने आई है कि क्रिसमस के चार दिनों बाद तक तक हार्ट फैलियर के मामलों में 33 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी हो जाती है। Also Read - Alert: आप कितने घंटे देखते हैं टीवी? अगर जवाब है ये तो संभल जाइये, खतरे में है आपका दिल

शोध में यह भी बताया गया है कि दिल की बीमारी में मरने वाले लोगों में से 5 प्रतिशत लोगों की मौत छुट्टियों में हो जाती है। इसका कारण है कि वे उस दौरान घर पर होते हैं और दौरा पड़ने पर इलाज में देर हो जाती है। यह भी पढ़ें: अपने बच्चों की आखें सलामत रखना चाहते हैं तो उन्हें खेलने दें बाहर

इंडियन मेडिकल ऐसोशिएन (IMA) के मनोनीत अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. के. के. अग्रवाल ने बताया कि सर्दियों और त्यौहारों में मौज- मस्ती बढ़ जाती है जिसका सेहत पर बुरा असर पड़ता है। इससे बचने के लिए जरूरी है कि लोग हेल्दी फूड लें, रेगुलर एक्सरसाइज करें और शराब इत्यादि से दूर ही रहें। इस तरह आप दिल की बीमारियों को दूर रख सकेंगे। उन्होंने कहा कि लोग ट्रांसफैट, मीठे और नमक का सेवन जितना कम हो सके उतना ही करें और अपने आहार में ताजे फल और हरी सब्जियों का इस्तेमाल ज्यादा करें।

डॉ. अग्रवाल ने बताया कि सर्दियां दिल के मरीजों के लिए ज्यादा खतरनाक होती हैं। छंड के मौसम में धमनियां सिकुड़ जाती हैं और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। इसके साथ ही खून भी जमने लगता है। शारीरिक थकान और घटते तापमान की वजह से दिल पर दवाब बढ़ जाता है जिस वजह से दिल का दौरा पड़ सकता है। यह भी पढ़ें: हल्दी और नींबू का ऐसे करें इस्तेमाल, डिप्रेशन हो जाएगा छूमंतर

उन्होंने बताया कि ज्यादा शराब पी लेने से एट्रियल फिब्रलेशन होने लगती है जिसमें दिल की धड़कन असामान्य हो जाती है ऐसे में स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। डॉ. अग्रवाल का कहना है कि अक्सर लोग सांस फूलने और सीने में दर्द को बदहजमी के लक्षण मान लेते हैं लेकिन इस तरह के लक्षण ज्यादा देर तक रहें तो उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए