नई दिल्ली: अगर आपका बच्चा घर पर मदर टंग यानी मातृ भाषा में बात करता है तो ये उसके पर्सनेलिटी डेवलेपमेंट के लिए अच्छा है. ये बात एक नए शोध में सामने आई है.

इस शोध में कहा गया है कि जो बच्चे एक से ज्यादा भाषाएं बोलते हैं वे दूसरे बच्चों की अपेक्षा ज्यादा इंटेलिजेंट होते हैं.

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ये शोध ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग ने किया है. शोधकर्ताओं ने शोध में पाया कि जो बच्चे स्कूल में अलग भाषा बोलते हैं और परिवारवालों के साथ घर में अलग भाषा का इस्तेमाल करते हैं, बुद्धिमत्ता जांच में उन बच्चों के मुकाबले अच्छे अंक लाए जो सिर्फ गैर-मातृभाषा जानते हैं.

Mum and kids

अध्ययन में ब्रिटेन में रहने वाले तुर्की के सात से 11 साल के 100 बच्चों को शामिल किया गया था. इस आईक्यू जांच में दो भाषा बोलने वाले बच्चों का मुकाबला ऐसे बच्चों के साथ किया गया, जो सिर्फ अंग्रेजी बोलते हैं.

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हालांकि इससे पहल एक शोध में पता चला था कि स्कूलिंग से छात्रों का ज्ञान बढ़ता है, साथ ही उनके आईक्यू में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलता है. जी हां, स्कूलिंग से यानी लगातार स्कूल जाने से ये होता है. ये शोध ब्रिटेन के एडिनबर्ग विश्वविद्यालय ने किया था.

(एजेंसी से इनपुट)

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