क्या सच में नाखूनों का बदलता रंग हो सकता है कैंसर का इशारा? डॉक्टर से जानें

हम अक्सर सुनते हैं कि नाखूनों में रंग का बदलाव कैंसर का इशारा हो सकता है, ऐसे में आइए डॉक्टर से जानते हैं ये कितना सच है.

Published date india.com Published: May 28, 2024 8:17 AM IST
क्या सच में नाखूनों का बदलता रंग हो सकता है कैंसर का इशारा? डॉक्टर से जानें

Early Signs Of Cancer : अक्सर सुनने को मिलता है कि नाखूनों का बदलता रंग कई बिमारियों का संकेत हो सकता है, ऐसे में इन्हें इग्नोर नहीं करना चाहिए. नाखूनों का रंग बदलना या उनकी बनावट में असामान्य बदलाव कई स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है, जिनमें से एक गंभीर समस्या कैंसर भी हो सकती है.

डॉ. बबिता बंसल सिंह , सीनियर कंसलटेंट रेडिएशन ऑन्कोलॉजी और डॉ दिनेश सिंह चेयरमैन – रेडिएशन ऑन्कोलॉजी , एंड्रोमेडा कैंसर हॉस्पिटल सोनीपत बताती हैं कि एक विशेषज्ञ ऑन्कोलॉजिस्ट के रूप में, मैं यह बताना चाहूंगा कि नाखूनों में कुछ विशेष बदलाव त्वचा कैंसर के प्रारंभिक लक्षण हो सकते हैं. उदाहरण के लिए, नाखून के नीचे काला या भूरा धब्बा मेलेनोमा, एक प्रकार का त्वचा कैंसर, का संकेत हो सकता है. यह धब्बा अक्सर नाखून के आधार से शुरू होता है और नाखून की पूरी लंबाई में फैल सकता है.

फेफड़ों के कैंसर इशारा-

नाखूनों में नीले रंग का दिखना (ब्लूइश डिसकलरेशन) भी चिंता का विषय हो सकता है, क्योंकि यह फेफड़ों के कैंसर से संबंधित हो सकता है. फेफड़ों के कैंसर में शरीर के ऑक्सीजन स्तर में कमी हो सकती है, जो नाखूनों के रंग में इस प्रकार के बदलाव का कारण बन सकता है.

कुछ विरासत में मिली उत्परिवर्तन (इनहेरिटेड म्यूटेशन) भी नाखूनों में बदलाव ला सकते हैं और ये कैंसर से जुड़े हो सकते हैं. उदाहरण के लिए, BAP1 ट्यूमर प्रेडिसपोज़िशन सिंड्रोम, जो BAP1 जीन में उत्परिवर्तन के कारण होता है, नाखूनों में विशेष प्रकार के ट्यूमर का कारण बन सकता है, जिसे ओनिचोपापिलोमा कहते हैं. इस स्थिति में नाखून पर सफेद या लाल रंग की पट्टी देखी जा सकती है और नाखून मोटा हो सकता है.

Lynch syndrome, जिसे हेरिडिटरी नॉन-पॉलीपोसिस कोलोरेक्टल कैंसर (HNPCC) भी कहा जाता है, विभिन्न प्रकार के कैंसर के उच्च जोखिम के साथ जुड़ा होता है. Lynch syndrome में शामिल प्रमुख जीन MLH1, MSH2, MSH6, PMS2, और EPCAM हैं. Lynch syndrome के रोगियों में नाखूनों में बदलाव जैसे कि मल्टीपल केरेटोअकैंथोमा और सेबेशियस ट्यूमर देखे जा सकते हैं, जो Muir-Torre syndrome के साथ जुड़े होते हैं. यह स्थिति नाखूनों और त्वचा के अन्य हिस्सों पर ट्यूमर का कारण बन सकती है जो कैंसर की संभावना को बढ़ा सकती है.

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ये syndrome भी हो सकता है कारण-

Cowden syndrome, PTEN जीन में उत्परिवर्तन के कारण होता है, और यह विभिन्न प्रकार के कैंसर के साथ जुड़ा होता है, जिसमें स्तन, थायरॉइड और एंडोमेट्रियल कैंसर शामिल हैं. इस स्थिति के रोगियों में नाखूनों पर सफेद पट्टी, नाखूनों की मोटाई में वृद्धि, और नाखूनों की असामान्य बनावट देखी जा सकती है, जो इस स्थिति की पहचान करवा सकती है.

इन बदलाव पर दें ध्यान-

यदि आपके नाखूनों में कोई असामान्य बदलाव दिखाई देता है, जैसे कि रंग बदलना, धब्बे होना, नाखून का उठना, नीला रंग दिखना, या नाखून की बनावट में अन्य असामान्यताएं, तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. विशेष रूप से यदि यह बदलाव लंबे समय तक बना रहता है और इसके साथ अन्य लक्षण जैसे कि दर्द, सूजन या खून निकलना भी हो. नाखूनों में कोई भी बदलाव कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं का प्रारंभिक संकेत हो सकता है. समय पर जांच और इलाज से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है.

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