आधे हार्ट अटैक तो आधुनिक जांच में पकड़े ही नहीं जाते, शोधकर्ताओं ने किया डराने वाला दावा

Heart Attack Test: मौजूदा स्क्रीनिंग टूल्स से लगभग आधे हार्ट अटैक छूट सकते हैं.

Published date india.com Updated: December 16, 2025 3:44 PM IST
आधे हार्ट अटैक तो आधुनिक जांच में पकड़े ही नहीं जाते, शोधकर्ताओं ने किया डराने वाला दावा
(photo credit AI, for representation only)

Heart Attack Test: मौजूदा मेडिकल स्क्रीनिंग तकनीक और टेस्ट हार्ट अटैक का सामना करने वाले लगभग आधे लोगों को पकड़ने में फेल हो सकते हैं. नई रिसर्च में ये डराने वाली बात कही गई है. यानी लाखों लोगों के हार्ट अटैक को रोकने के लिए नई तकनीक और जांच की जरूरत है.

ASCVD स्कोर

साइंस अलर्ट में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक किसी शख्स में हार्ट अटैक के खतरे का आकलन आमतौर पर एथेरोस्क्लेरोटिक कार्डियोवैस्कुलर डिजीज (ASCVD) स्कोर के आधार पर किया जाता है. यह जांच कार्डियोवैस्कुलर डिजीज के होने से जुड़े फैक्टर्स को मापती है. अगर मरीजो का स्कोर एक तय लिमिट से ज़्यादा होता है, तो उन्हें मॉनिटर किया जाता है या उनका इलाज किया जाता है.

कैसे हुआ शोध

US और कनाडा के रिसर्चर्स ने 65 साल या उससे कम उम्र के 465 लोगों के हेल्थ रिकॉर्ड इकट्ठा किए, जिन्हें जनवरी 2020 और जुलाई 2025 के बीच हार्ट अटैक आया और उसका इलाज हुआ. डेटा में मेडिकल हिस्ट्री, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल लेवल जैसी डिटेल्स शामिल थीं.

क्या पाया शोधकर्ताओं ने

टीम के एनालिसिस के आधार पर, हार्ट अटैक से दो दिन पहले, ASCVD स्कोर ने 45 प्रतिशत मरीज़ों को कम या बॉर्डरलाइन रिस्क लेवल पर कैटेगरी में रखा था.

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US में माउंट सिनाई के इकान स्कूल ऑफ मेडिसिन के कार्डियोलॉजिस्ट आमिर अहमदी कहते हैं, हमारी रिसर्च से पता चलता है कि पॉपुलेशन-बेस्ड रिस्क टूल अक्सर कई अलग-अलग मरीज़ों के लिए असली रिस्क को दिखाने में फेल हो जाते हैं. अगर हमने इन मरीजों को उनके हार्ट अटैक से ठीक दो दिन पहले देखा होता, तो लगभग आधे को मौजूदा रिस्क एस्टीमेट स्कोर और गाइडलाइन के आधार पर आगे की टेस्टिंग या प्रिवेंटिव थेरेपी के लिए रिकमेंड नहीं किया गया होता.

PREVENT स्कोर

एक दूसरे क्राइटेरिया का सेट, जिसे कार्डियोवैस्कुलर डिजीजड इवेंट्स के रिस्क का अनुमान (PREVENT) स्कोर कहा जाता है, उसका प्रदर्शन और भी खराब रहा. 61 प्रतिशत मरीजों को कम या बॉर्डरलाइन रिस्क के रूप में क्लासिफाई किया गया. यह रिसर्च जर्नल ऑफ द अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी: एडवांसेज में पब्लिश हुई है.

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