वाशिंगटन: अगर धूम्रपान की आदत छोड़ना इस बार आपके नए साल का संकल्प है तो आपको शराब की आदत भी छोड़नी पड़ेगी. एक नए अध्ययन के अनुसार, धूम्रपान छोड़ने की कोशिश कर रहे अत्यधिक शराब पीने वाले लोग यह पाएंगे कि कम शराब पीने से उन्हें रोज धूम्रपान करने की आदत छोड़ने में भी मदद मिल सकती है.

ड्रिंक करने वालों का बुढ़ापे में भी जवां रहता है दिल, …तो थोड़ी-थोड़ी पीने में बुराई नहीं

यह अध्ययन पत्रिका निकोटिन एंड टोबैको रिसर्च में प्रकाशित हुआ है. अत्यधिक शराब पीने वाले लोग अगर अपनी इस आदत पर नियंत्रण पा लेते हैं तो उनकी निकोटिन मेटाबोलाइट दर कम होती है. पहले के शोध से भी यह पता चला है कि अत्यधिक निकोटिन मेटाबोलिज्म दर वाले लोग अधिक धूम्रपान करते हैं और उन्हें यह आदत छोड़ने में भी काफी मुश्किल होती है.

New Year Resolutions 2019: नए साल में रहें सेहतमंद, ये करें और इनसे करें परहेज

अमेरिका में ओरेगोन स्टेट यूनिवर्सिटी में सहायक प्रोफेसर सारा डर्मोडी ने बताया कि कम शराब पीने से किसी व्यक्ति की निकोटिन मेटाबोलिज्म दर कम होना उसे धूम्रपान छोड़ने में मदद कर सकती है जो कि एक मुश्किल काम है.

लाइफस्टाइल की और खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.