नई दिल्ली: मौजूदा दवाओं का नई बीमारियों के इलाज में उपयोग को लेकर अध्ययन करने वाली कंपनी लोवा लीड फार्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसे औषधि महानियंत्रक से कोविड-19 के इलाज के लिए खोजी गई पहले से उपलब्ध दवा के तीसरे चरण के क्लिनिकल परीक्षण की अनुमति मिल गई है.Also Read - उपराष्ट्रपति M Venkaiah Naidu कोरोना वायरस से संक्रमित, खुद को किया क्वारंटीन

नोवा लीड फार्मा ने एक बयान में कहा कि औषधि कूट नाम एनएलपी21 का लोग कई साल से उपयोग कर रहे हैं और इसके दुष्प्रभाव को लेकर कोई चिंता की बात नहीं है. कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुप्रीत देशपांडे ने कहा, ‘‘एनएलपी में विभिन्न तरीके से कोविड-19 के इलाज की क्षमता दिखी है. यह एनएलपी-21 को न केवल विषाणु से मानव कोशिका को प्रभावित होने से रोकता है बल्कि खराब हो चुकी कोशिकाओं को हटाकर नई कोशिका को फिर से पनपने का परिवेश देता है.’’ Also Read - Coronavirus Cases in India: एक दिन में 3.33 लाख लोग हुए संक्रमित, 525 लोगों की हुई मौत

उन्होंने कहा कि कंपनी फिलहाल दवा का नाम छिपा रही है क्योंकि अगर इसका नाम सामने आता है तो हो सकता है लोग क्लिनिकल परीक्षण से पहले इसका उपयोग करने की कोशिश करेंगे. कंपनी को उम्मीद है कि परीक्षण अगले 3-4 महीनों में पूरा हो जाएगा. Also Read - School/College Closed In UP: उत्तर प्रदेश में सभी शैक्षणिक संस्थान 30 जनवरी तक रहेंगे बंद, आदेश जारी