लंदन: ये खबरें तो आती रहती हैं कि मोटापे की वजह से हाई बीपी, कोलेस्‍ट्रॉल, शुगर लेवल की प्रॉब्‍लम हो सकती है. पर अब एक शोध में पता चला है कि महिलाओं में मोटापा दिल संबंधी बीमारियों की वजह भी हो सकता है. ये शोध 90,000 से ज्यादा महिलाओं पर किया गया.Also Read - Beauty Tips: क्या आपकी लिपस्टिक हो गई है एक्सपायर? इन तरीकों की मदद से करें पहचान | वीडियो देखें

शोध का प्रकाशन ‘द लैंसेट डायबिटीज व इंडोक्राइनोलॉजी’ पत्रिका में किया गया है. इसमें संकेत दिया गया है कि मोटापा दिल संबंधी बीमारियों के लिए जोखिम कारक है, भले ही महिलाओं को कोई आम उपापचय संबंधी बीमारी हो या नहीं हो. Also Read - Covid 19 New Variant: दक्षिण अफ्रीका में सामने आया कोरोना वायरस का नया वेरिएंट, हो सकता है डेल्टा वेरिएंट से भी ज़्यादा खतरनाक | Watch Video

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मोटापा लगभग सभी दिल की बीमारियों के जोखिम कारकों को प्रभावित करता है. हालांकि, कुछ मोटे लोग इनसे मुक्त दिखते हैं और उपापचयी रूप से स्वस्थ हो सकते हैं.
90,000 महिलाओं पर किए गए एक शोध के अनुसार, मोटापाग्रस्त महिलाएं जो दशकों से उपापचय की दृष्टि से स्वस्थ हैं उनमें भी सामान्य वजन वाली स्वस्थ उपापचय वाली महिलाओं की तुलना में दिल संबंधी बीमारियां विकसित होने का खतरा ज्यादा होता है.

मोटापा उपापचयी सिंड्रोम वाले लोगों को भी प्रभावित करता है और दिल संबंधी बीमारियों का जोखिम दोगुना कर देता है. इन बीमारियों में दिल का दौरा व स्ट्रोक शामिल है. उपापचयी सिंड्रोम में उच्च रक्तचाप, खराब रक्त शुगर नियंत्रण व असामान्य रक्त वसा शामिल हैं.

जर्मनी के न्यूथेएलजर्मन इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन न्यूट्रिशन पोट्सडेम-रेहब्रुके (डीआईएफई) के प्रोफेसर मैथियास शुल्जे ने कहा, ‘हमारा शोध पुष्टि करता है कि उपापचयी रूप से स्वस्थ मोटापा नुकसानदेह स्थिति नहीं है, लेकिन दशकों से उपापचय संबंधी बीमारियों से मुक्त रहने वाली महिलाओं को भी दिल संबंधी बीमारियों के बढ़े जोखिम का सामना करना पड़ता है’.
(एजेंसी से इनपुट)