टोरंटो: महिलाओं में मोटापा व पुरुषों में धूम्रपान रुमेटाइड गठिया में शुरुआती इलाज के बावजूद सुधार नहीं होने के प्रमुख कारक हो सकते हैं. रुमेटोइड गठिया एक पुरानी सूजन की बीमारी है, जो किसी व्यक्ति के जोड़ों को प्रभावित करती है. इसमें व्यक्ति को जोड़ों में दर्द होता है और वह चलने में असमर्थ हो जाता है. इससे आंतरिक अंगों पर भी असर पड़ सकता है.Also Read - Omicron Variant Update: कोरोना के नए घातक वेरिएंट ने देशभर में फैलाया डर का माहौल, यहां जानिए सबकुछ | Watch Video

शोध से पता चलता है कि शुरुआती पहचान व तत्परता से इलाज के जरिए गठिया के नतीजे में सुधार आता है. लेकिन दिशानिर्देशों के अनुसार, देखभाल के बावजूद पहले साल में छह फीसदी महिलाओं व 38 फीसदी पुरुषों में सुधार नहीं होता है. Also Read - Fitness Journey Of Alia Bhatt: फिट रहने के लिए आलिया भट्ट करती हैं इंटेंस वर्कआउट, यहां जानिए उनकी फैट तो फिट जर्नी की सीक्रेट्स | Watch Video

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कनाडा में मैकगिल विश्वविद्यालय के मेडिसिन के प्रोफेसर सुसान बार्टलेट ने कहा, ‘हमारा शोध बताता है कि जीवनशैली में बदलाव, पुरुषों में धूम्रपान बंद करना व महिलाओं में वजन में कमी, साथ ही साथ मेथोट्रेक्जेट के इस्तेमाल से तेजी से सूजन घटती है. जो शुरुआती रुमेटोइड गठिया के इलाज के लिए जरूरी है’.

इस शोध का प्रकाशन एनल्स ऑफ रुमेटिक डिजिजेस नामक पत्रिका में किया गया है. इसमें 1628 वयस्कों को शामिल किया गया, जिनकी औसत आयु 55 साल थी. विश्लेषण से पता चला कि ज्यादा मोटापा होने से महिलाओं में सुधार नहीं होने की संभावना दोगुनी हो जाती है.
(एजेंसी से इनपुट)