साउथ अफ्रीका में कोरोनावायरस के नए वेरिएंट ओमीक्रोन (Omicron Variant Covid) के मिलने के बाद से दुनिया के अधिकांश देशों ने सतर्कता बढ़ा दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने ओमीक्रोम को ‘वेरिएंट ऑफ कंसर्न’ कैटेगरी में रखा है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शनिवार को एक उच्च स्तरीय बैठक कर कोरोना के वैक्सीनेशन, टेस्टिंग और बचाव कार्य के लिए किए जा रहे कार्यों पर चर्चा की है। वहीं दुनियाभर के वैज्ञानिक भी ओमीक्रोन वेरिएंट को अब तक के सबसे खतरनाक रूप में देख रहे हैं। अब डब्ल्यूएचओ का भी एक बयान आया है कि जिसमें कहा गया है कि कोरोनावायरस के नए वेरिएंट के खिलाफ मास्क ही सबसे बड़ा हथियार है।Also Read - WHO ने फिर किया आगाह, कहा- 'यह मानना खतरनाक है कि Omicron कोरोना का आखिरी वेरिएंट होगा'

विश्व स्वास्थ्य संगठन की प्रमुख साइंटिस्ट डॉ सौम्या स्वामीनाथन (Dr. Soumya Swaminathan, Chief Scientist of the World Health Organization) ने कोरोनावायरस के नए वेरिएंट को लेकर कहा है कि, इंडिया में कोविड-19 के सही व्यवहार को समझने के लिए यह ‘वेक अप कॉल’ हो सकता है। स्वामीनाथन ने मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में मास्क लगाने के साथ सावधानी बरतने पर बल दिया है। Also Read - Covid 19 Pandemic: अपने अंत की तरफ बढ़ रही कोरोना महामारी, WHO ने कही ये बात

डब्ल्यूएचओ की सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि कोरोनावायरस के नए वेरिएंट ओमीक्रॉन के खिलाफ मास्क ही सबसे बड़ा हथियार है, उन्होंने कहा कि यह जेब में रखी एक वैक्सीन की तरह है, जो आपको कोरोनावायरस संक्रमण से बचाएगी। इसलिए इसे हर दम लगा कर रखें। स्वामीनाथन ने लोगों को भीड़ में ना जाने की भी सलाह दी है। Also Read - Booster Dose: कोरोना के बूस्टर डोज को लेकर WHO की तरफ से आया यह बयान...

डब्ल्यूएचओ की वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि, ओमीक्रॉन वेरिएंट डेल्टा के मुकाबले अधिक संक्रामक हो सकता है, हालांकि अभी इसके बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता है अगले कुछ दिनों में इसके बारे में अधिक जानकारी मिल सकेगी।