पंकज धीर के निधन ने छोड़ा सवाल, क्या इलाज के बाद भी लौट आती है कैंसर की बीमारी? जानिए डॉक्टर से

पंकज धीर के निधन की खबर से हर कोई दुखी है, रिपोर्ट्स की मानें तो उनका निधन कैंसर के चलते हुआ है. ऐसे में आज हम डॉक्टर से जानेंगे कि क्या कैंसर की बीमारी दोबारा लौटकर आ सकती है? आइए जानते हैं.

Published date india.com Published: October 16, 2025 3:30 PM IST
पंकज धीर के निधन ने छोड़ा सवाल, क्या इलाज के बाद भी लौट आती है कैंसर की बीमारी? जानिए डॉक्टर से

बी आर चोपड़ा की महाभारत में कर्ण का रोल निभाने वाले पंकज धीर ने 68 साल की उम्र में बुधवार को दुनिया से अलविदा कह दिया. उनके निधन का कारण कैंसर बताया जा रहा है. रिपोर्ट्स की मानें तो एक्टर को लंबे समय से कैंसर था, जो कुछ समय पहले ठीक भी हो गया था, लेकिन कुछ समय बाद ये फिर से वापस आ गया. इसके लिए उन्होंने सर्जरी का सहारा भी लिया था, लेकिन उनकी जान नहीं पाई. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ठीक होने के बावजूद कैंसर वापस आ सकता है? आइए इसका जवाब डॉक्टर एंड्रोमेडा कैंसर हॉस्पिटल के चेयरमैन और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. अरुण गोयल से जानते हैं.

डॉ. अरुण गोयल ने कहा कि ‘अभिनेता पंकज धीर के निधन की खबर बेहद दुखद है. कैंसर का रिलेप्स यानी दोबारा लौट आना, ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र में सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है. कई बार मरीज के सफल इलाज और रिकवरी के बाद भी कैंसर फिर से उभर आता है. यह स्थिति न केवल मरीज के लिए बल्कि उसके परिवार और डॉक्टरों के लिए भी बेहद निराशाजनक होती है. ऐसे में नियमित मॉनिटरिंग, समय-समय पर जांच, और प्रारंभिक अवस्था में रिलेप्स का पता लगाकर इलाज शुरू करना बहुत जरूरी होता है ताकि मरीज की जान बचाई जा सके और जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनी रहे.’

इस कारण वापस लौटता है कैंसर-

डॉ. गोयल ने आगे बताया कि कैंसर का रिलेप्स अक्सर उन सूक्ष्म कैंसर कोशिकाओं (microscopic cancer cells) के कारण होता है जो शुरुआती उपचार के दौरान पूरी तरह खत्म नहीं हो पातीं. ये कोशिकाएं लंबे समय तक शरीर में निष्क्रिय पड़ी रह सकती हैं और किसी भी कारण से पुनः सक्रिय होकर कैंसर को वापस लौटा सकती हैं. ‘कई बार मरीज को लगता है कि अब वह पूरी तरह स्वस्थ हो चुका है, लेकिन शरीर के भीतर अदृश्य स्तर पर कैंसर कोशिकाएं धीरे-धीरे बढ़ने लगती हैं. इसलिए कैंसर का इलाज खत्म हो जाने के बाद भी लंबे समय तक फॉलो-अप और निगरानी बेहद जरूरी है.

जीवलशैली में करें बदलाव-

उन्होंने यह भी बताया कि कैंसर के रिलेप्स को रोकने में लाइफस्टाइल मैनेजमेंट यानी स्वस्थ जीवनशैली का बहुत बड़ा योगदान होता है. संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तनाव को नियंत्रित रखना, धूम्रपान और शराब जैसी हानिकारक आदतों से दूर रहना . ये सभी उपाय कैंसर की दोबारा वापसी की संभावना को कम करने में मदद करते हैं.

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डॉ. गोयल ने आगे कहा, ‘कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो सिर्फ शरीर को नहीं बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से भी व्यक्ति को प्रभावित करती है. इसलिए रिलेप्स की रोकथाम में मानसिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना उतना ही जरूरी है. परिवार और समाज से मिलने वाला भावनात्मक सहयोग मरीज को सकारात्मक बनाए रखता है. हर कैंसर सर्वाइवर को इलाज के बाद भी डॉक्टर से नियमित संपर्क में रहना चाहिए और किसी भी असामान्य लक्षण को नज़रअंदाज नहीं करना चाहिए. समय पर पहचान और इलाज ही रिलेप्स से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है.

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