Coronavirus: मेडिसिन केमेस्ट्री के प्रसिद्घ वैज्ञानिक प्रो. राम शंकर उपाध्याय का मानना है कि कोरोनावायरस से ठीक हो रहे लोगों में से अधिकांश के दिल, फेफड़े और नर्वस सिस्टम पर संक्रमण का असर दिख रहा है. उन्होंने कहा कि संक्रमित लोगों के स्वस्थ होने के बाद भी शरीर के अंगों पर कोराना का प्रभाव दिखाई देना चिंता का विषय है. इसके बारे में भी सोचना होगा. Also Read - Corona Warriors: 50 साल की नर्स मुमताज बेगम किडनी की मरीज, हुआ था कोरोना, ठीक हो फिर काम पर लौटीं...

आईएएनएस से विशेष बातचीत में प्रो. उपाध्याय ने कहा कि दुनिया भर में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या करोड़ों में होने वाली है. उन्होंने बताया कि लैनसेट में हाल में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना के इलाज के बाद 55 फीसदी रोगियों में नर्वस सिस्टम की शिकायतें मिलीं हैं. Also Read - बिहार चुनाव पर संजय राउत का सवाल, क्या अब कोरोना वायरस की महमारी समाप्त हो गई?

इसी तरह जर्मनी में हुए एक अध्ययन में संक्रमण से बचने वाले 75 फीसदी लोगों के दिल की संरचना में बदलाव दिखा. ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि इसका संबंधित लोगों पर भविष्य में क्या असर होगा. इसका असर कैसे न्यूनतम किया जाए, इस पर भी फोकस करने की जरूरत है. Also Read - अच्छी खबर! कोरोना और डेंगू से जूझ रहे दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की हालत अब बेहतर

कोरोना के बचाव और इलाज के बारे में पूछने पर मेडिसिनल केमेस्ट्री के वैज्ञानिक ने कहा कि इस रोग के लिए टीका और स्पेसिफिक दवा के लिए जो काम हो रहा है उसके अलावा जरूरत इस बात की है कि पहले से मौजूद फार्मुलेशन के कंबीनेशन से संक्रमण रोकने और संक्रमण होने पर कारगर दवा की तलाश को और तेज किया जाए.

उन्होंने बताया कि अब तक कैंसर की करीब 15 दवा और दर्जन भर एंटी इन्फ्लेमेटरी दवाएं कोविड के लक्षणों के इलाज में उपयोगी पायी गई हैं. इन पर और काम करने की जरूरत है.
(एजेंसी से इनपुट)