महिलाओं की खूबसूरती का एक अभिन्न अंग है स्तन. एक महिला के वक्ष या स्तन का समान्य आकार उसकी खूबसूरती में चार चांद लगाता है. लेकिन कई बार इसके बड़े आकार से महिलाएं असहज हो जाती हैं. ऐसे में कई महिलाएं इसे कम करने के लिए दवाइयों या फिर सर्जरी का सहारा लेती हैं, जिसके काफी साइडइफेक्ट होते हैं. हम आपको यहां वक्ष या स्तन के आकार को कम करने का नेचुरल तरीका बताते हैं. दरअसल, स्तन मूल रूप से फैट होता है. यानी सहज भाषा में कहें तो अगर आप अपने शरीर का ख्याल रखती हैं और फिट रहती हैं तो यह काफी संभव है कि आपके स्तन का आकार भी संतुलित रहेगा. आइए हम आपको स्तन के आकार कम करने के कुछ नेचुरल तरीकों के बारे में बताते हैं…

डाइटः ब्रेस्ट का अधिकतर हिस्सा एपिडोज टिसू यानी फैट होता है. अगर आप अपने शरीर से फैट कम करती हैं तो इसकी काफी हद तक संभावना है कि ब्रेस्ट का आकार अपने आप घट जाए. इसके लिए आपको जितनी कैलोरी लेते हैं उससे कहीं अधिक कैलोरी बर्न करनी होगी यानी खूब शारीरिक कसरत करनी होगी. इसके साथ ही आपको लो कैलेरी वाले और उच्च पोषण वाली चीजें लेनी होगी. ऐसे में आपको फल, सब्जियों, फैटी फिश, ग्रिल्ड चिकेन आदि का सेवन करना होगा.

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कसरतः डाइट के साथ आपको भरपूर कसरत करना होगा, जिससे कि आप तेजी से फैट बर्न कर सकें. इससे भी ब्रेस्ट की साइज पर असर पड़ेगा. कई लोग यह मानते हैं कि कुछ खास तरह के कसरत से किसी खास अंग के फैट को बर्न करने में सहायता मिलती है, लेकिन यह पूरी तरह से सही नहीं है. पुशअप्स से जैसे कसरत से आपकी बाजूएं और चेस्ट के मसल्स मजबूत हो सकते हैं लेकिन इससे ब्रेस्ट का फैट खत्म नहीं होता. ऐसे में आपको पूरे शरीर से फैट हटाने की जरूरत होती है. हंफाने वाले कसरत जैसे दौड़ना, तैरना आपको पूरे शरीर से फैट को बर्न करने में कारगर होते हैं.

एस्ट्रेजन हार्मोन को घटाएं: ब्रेस्ट टिशू को बढ़ाने में एस्ट्रेजन की अहम भूमिका होती है. ऐसे में जरूरत से ज्यादा मौजूद एस्ट्रेजन को खत्म करने से आप अपनी ब्रेस्ट को सही आकार दे सकती हैं. हार्मोनल कंट्रासेप्टिव्स में एस्ट्रेजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन होते हैं. इन कंट्रासेप्टिव्स के सेवन ब्रेस्टा का आकार बढ़ सकता है. दरअसल, इसका असर तब ज्यादा देखने को मिलता है जब कोई महिला इन दवाइयों का सेवन बंद कर देती हैं. शोध से पता चला है कि कोई महिला डाइट में बदलाव से एस्ट्रेजन के स्तर में सुधार ला सकती है. उदाहरण के लिए अलसी का बीज शरीर से एस्ट्रेजन को कम करने में बेहद कारगर होता है.

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बाइंडिंगः कसरत और डाइट पर ध्यान देने के साथ आपको ब्रेस्ट को ठीक तरीके से बांधने की जरूरत पड़ेगी. स्तन को ठीक तरीके से बांधने से ऐसा नहीं होगा कि इससे टिशू सिकुड़ जाएंगे या फिर इसका आकार नहीं बढ़ेगा. बल्कि इससे ये फायदा होगा कि ये फ्लैट नहीं होंगे और देखने में ये छोटे दिखेंगे. इससे आप असहज महसूस नहीं करेंगी. बांधने के सुरक्षित तरीके के बारे में आपको अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए. बाजार में ब्रेस्ट बांधने के लिए कई तरह बाइंडर मौजूद हैं.

ब्रा बदलिएः ब्रा बदलने से ब्रेस्ट का आकार हमेशा के लिए नहीं बदलता, लेकिन बाजार में ऐसे ब्रा उपलब्ध हैं जिससे कि आपका ब्रेस्ट छोटा लगने लगेगा. इन ब्रा से इतना जरूर होता है कि ब्रेस्टा का शेप बदल जाता है. कुछ मिनिमाइजर ब्रा में कुछ अधिक सपोर्टिव स्ट्रेप्स होते हैं, जिससे बैक और नेक की दर्द भी कम हो जाती है. अच्छे और वेल फिटेड ब्रा पहनने से निश्चित तौर पर एक महिला का कंफर्ट लेवल बढ़ जाता है.