रुकिए! क्या आप भी बहुत कसकर बांधती हैं पेटीकोट? हो सकता है इस कैंसर का खतरा

साड़ी के साथ पहने जाना वाला पेटीकोट महिलाओं के लिए खतरा बन गया है. ज्यादा टाइट पेटीकोट पहनने से स्किन कैंसर होने का खतरा बताया गया है.

Published date india.com Published: January 30, 2025 7:07 AM IST
petticoat cancer kya hai petticoat cancer symptoms and prevention method
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Petticoat Cancer: भारतीय संस्कृति में महिलाएं सबसे ज्यादा साड़ी पहनती हैं. साड़ी के साथ पहने जाना वाला पेटीकोट महिलाओं के लिए खतरे की घंटी बन गया है. महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, ओनेरियन कैंसर और यूटेराइन कैंसर के बारे में खूब बातें होती हैं. मगर पेटीकोट की रगड़ से होने वाले इस कैंसर के बारे में किसी को नहीं जानकारी है. भारत में आज भी कई सारी औरतें सिर्फ साड़ी ही पहनती हैं. इस वजह से इन महिलाओं के बीच पेटीकोट कैंसर को लेकर जागरूकता बेहद जरूरी है.

क्या है पेटीकोट कैंसर?

पेटीकोट कैंसर एक तरह का स्किन कैंसर है, जो कि पेटीकोट का नाड़ा रगड़ने पर होता है. इसकी रगड़न से स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा हो सकता है जो कि एक तरह का स्किन कैंसर है. यह कैंसर उन महिलाओं में देखा गया जो हर समय साड़ी पहनती हैं. ज्यादा देर तक पेटीकोट का नाड़ा एक ही जगह कसकर बंधा होने पर वहां पर लगातार घर्षण होता है. गर्मियों या बरसात में पसीना एक जगह इकट्ठा होता रहता है. यही पसीना जलन और खुजली पैदा करने लगता है. यही खुजली और रगड़न मिलकर स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा का रूप ले लेती है. जिससे स्किन कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी हो जाती है.

पेटीकोट कैंसर के लक्षण

  • कमर की स्किन का रंग बदलना (कालापन/लालपन)
  • स्किन पर खुजली या जलन होता
  • स्किन में गांठ महससू होना
  • अल्सर या जख्म बनना
  • जख्म दवा लगाने पर भी ठीक ना होना
  • जख्म का फैलना
  • अल्सर या जख्म से खून आना

पेटीकोट कैंसर का इलाज

इस खतरनाक कैंसर से बचने के लिए पेटीकोट को इतना कसकर ना बांधें. अगर संभव हो सके, तो रोजाना साड़ी ना पहने. मगर किसी कारणवश अगर आपको रोजाना साड़ी पहननी पड़ रही है, तो पेटीकोट बांधने वाली जगह में रोजाना परिवर्तन करें. मतलब रोजाना आगे-पीछे करके पेटीकोट बांधे. पेटीकोट के नाड़े को इतना हल्का रखे, जिससे साड़ी ना करें. सूती कपड़े का इस्तेमाल करें. अगर तब भी पसीना आ रहा है, तो वहां टेल्कम पाउडर से स्किन को ड्राई रखें. अगर ज्यादा घिसाव के कारण स्किन छिल गई है, तो तुरंत ही डॉक्टर की सलाह लेकर उस जगह दवा लगाएं.

नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. इसे केवल सुझाव के तौर पर लें. इस तरह की किसी भी जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. (Image Credit- Printerest)

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