Plasma Therapy: दुनिया भर में घातक कोरोना वायरस से लाखों लोग संक्रमित हो चुके हैं. हालांकि डॉक्टर और सरकारें इस वायरस के संक्रमण को रोकने की पूरी कोशिश कर रही हैं, लेकिन इस बीमारी का कोई इलाज अभी तक नहीं मिल पाया है. COVID 19 से लड़ने के लिए वैज्ञानिक विभिन्न टीकों, दवाओं और अन्य उपचार विधियों के साथ प्रयोग कर रहे हैं. ऐसा ही एक उपचार है प्लाज्मा थेरेपी. Also Read - Unlock 1.0: सोमवार से खुलेंगे ऑफिस, बदल जाएगी वॉशरूम से लेकर कैफेट एरिया की व्यवस्था

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने राज्यों को प्लाज्मा थेरेपी के क्लिनिकल ट्रायल शुरू करने की अनुमति दी है. केरल, गुजरात और पंजाब जैसे राज्यों ने पहले ही COVID 19 से पीड़ित रोगियों के लिए प्लाज्मा थेरेपी शुरू की है. 100 अन्य संस्थानों ने अध्ययन के लिए रुचि दिखाई है कि इस घातक वायरस के इलाज में प्लाज्मा थेरेपी कितनी सुरक्षित और कुशल है. Also Read - यूपी में एक दिन में सबसे ज्यादा 15 कोरोना मरीजों की मौत, अब तक इतने हजार संक्रमित

क्या होती है प्लाज्मा थेरेपी
COVID 19 संक्रमण का इलाज करने के लिए कॉनवलसेंट प्लाज्मा थेरेपी एक प्रयोगात्मक प्रक्रिया है. इस उपचार पद्धति में COVID19 से पूरी तरह ठीक हो चुके रोगी के खून से प्लाज्मा को निकाल कर कोरोना वायरस से गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति में स्थानांतरित किया जाता है. Also Read - शुरुआत में लगा कि ठीक हूं लेकिन अब असहज महसूस कर रहा हूं : आर अश्विन

कैसे काम करती है प्लाज्मा थेरेपी
प्लाज्मा थेरेपी एक स्वस्थ व्यक्ति से बीमार व्यक्ति में इम्यूनिटी को स्थानांतरित करके रोगियों का इलाज किया जाता है. इस थेरेपी में कोरोना वायरस से ठीक हुए मरीज से गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति के इलाज के लिए एंटीबॉडी तत्वों का उपयोग किया जाता है. यह संक्रमित व्यक्ति को COVID 19 वायरस के खिलाफ आवश्यक एंटीबॉडी विकसित करने में मदद करता है. जब कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति में एंटीबॉडी स्थानांतरित होता है तब उसका इम्यून पावर बढ़ने लगता है. इससे कोरोना संक्रमण ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है.

कैसे डोनेट किया जाता है प्लाज्मा 
प्लाज्मा डोनेट करना ब्लड डोनेट करने के समान है प्लाज्मा स्थानांतरित के समय ही डोनेट किया जाता है. प्लाज्मा डोनर को एक छोटे से उपकरण से जोड़ा जाता है, जो प्लाज्मा को निकाल कर रेड ब्लड सेल को उनके शरीर में वापस भेजता है. ब्लड की तुलना में प्लाज्मा को अधिक बार डोनेट किया जा सकता है. इसे सप्ताह में दो-तीन बार डोनेट किया जा सकता है.