
Shweta Bajpai
नमस्कार, मैं श्वेता बाजपेई, वर्तमान में India.com हिंदी में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हूं. हिंदी पत्रकारिता में लगभग 10 वर्षों के अनुभव के दौरान मैंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एंटरटेनमेंट ... और पढ़ें
आजकल बहुत से लोग यह शिकायत कर रहे हैं कि खाना अच्छा नहीं लग रहा, भूख कम हो गई है, स्वाद बदल गया है और कभी-कभी मिचली भी आने लगती है. खासतौर पर बड़े शहरों में, जहां हवा बहुत ज्यादा प्रदूषित है, यह समस्या तेजी से बढ़ रही है. जीवन कसारा ( डायरेक्टर एंड सीईओ, स्टेरिस हेल्थकेयर) ने कहा कि एक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के तौर पर मैं आपको आसान भाषा में समझाना चाहता हूं कि आखिर प्रदूषण हमारे शरीर पर ऐसा असर क्यों डाल रहा है.
प्रदूषण और भूख का सीधा कनेक्शन
जीवन कसारा ने बताया कि जब हम प्रदूषित हवा में सांस लेते हैं, तो हवा में मौजूद PM2.5, धुआं, जहरीली गैसें और धूल के कण सीधे हमारे नाक, गले और फेफड़ों में जाते हैं. यहीं कण आगे चलकर शरीर में सूजन (इंफ्लेमेशन) पैदा करते हैं. इस सूजन का असर हमारे पाचन तंत्र और नर्व सिस्टम पर भी पड़ता है, जिससे भूख कम लगने लगती है.
स्वाद क्यों चला जाता है?
हमारी नाक और जीभ स्वाद पहचानने में सबसे अहम भूमिका निभाती हैं. प्रदूषण की वजह से-
नाक की अंदरूनी झिल्ली में सूजन आ जाती है
सूंघने की क्षमता कमजोर हो जाती है
मुंह में सूखापन और कड़वाहट महसूस होती है
जब सूंघने की शक्ति कम होती है, तो खाना भी बेस्वाद लगने लगता है. इसलिए लोग कहते हैं ‘खाना खा तो रहे हैं, लेकिन स्वाद ही नहीं है.’
मिचली और उल्टी जैसा क्यों लगता है?
प्रदूषण शरीर में टॉक्सिन्स (जहरीले तत्व) बढ़ा देता है, जब यह टॉक्सिन्स पेट और लिवर पर असर डालते हैं, तो-
गैस
एसिडिटी
जी मिचलाना
सिर दर्द
जैसी समस्याएं होने लगती हैं. कई बार खाली पेट बाहर निकलने पर मिचली ज्यादा महसूस होती है.
बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा असर-
बच्चों का इम्यून सिस्टम पूरी तरह मजबूत नहीं होता और बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पहले से कमजोर होती है. इसलिए प्रदूषण का असर इनमें ज्यादा तेजी से दिखता है. भूख न लगना, चिड़चिड़ापन, उल्टी-दस्त या बार-बार बीमार पड़ना.
क्या करें?
इस समस्या से बचने के लिए कुछ छोटे-छोटे कदम बहुत मददगार हो सकते हैं:
बाहर निकलते समय मास्क जरूर पहनें
घर में हवा साफ रखने की कोशिश करें
पानी ज्यादा पिएं, ताकि शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलें
हल्का, घर का बना और ताजा खाना खाएं
फल, सब्जियां और विटामिन-सी युक्त चीजें लें
अगर मिचली, भूख की कमी या स्वाद न आने की समस्या लंबे समय तक रहे, तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें. प्रदूषण सिर्फ सांस की बीमारी ही नहीं करता, बल्कि यह हमारे खाने-पीने, भूख और पाचन को भी बुरी तरह प्रभावित करता है. अगर समय रहते सावधानी न बरती जाए, तो छोटी लगने वाली समस्या बड़ी बीमारी का रूप ले सकती है. इसलिए साफ हवा, सही खान-पान और सतर्क जीवनशैली आज की सबसे बड़ी जरूरत है.
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