नई दिल्ली: सर्दी का मौसम जैसे ही शुरू होता है वैसे ही दिल्ली-एनसीआर और अन्य राज्यों में प्रदूषण का खतरा बढ़ जाता है. खासकर अगर दिल्ली की बात करें तो यहां सबसे ज्यादा प्रदूषण होता है इसलिए जब भी घर से बाहर निकलें तो मास्क अवश्य पहनें. आजकल बाजार में बहुत तरह के मास्क उपलब्ध हैं इसलिए हमें यह जानना बहुत जरूरी है कि किस प्रकार का मास्क हमारे स्वास्थ्य के लिए अच्छा रहेगा. अभी तक बाजार में मिलने वाले सभी मास्कों में N95 मास्क सबसे बेहतर माना जाता है. तो आइए आपको इनके खूबियों के बारे में विस्तार से बताते हैं.

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N95 मास्क हवा में मौजूद प्रदूषण के कणों को 95 फीसदी तक सांस के माध्यम से शरीर के भीतर जाने से रोकता है. ये मास्क 2.5 माइकोन साइज के पार्टिकल्स को रोकने में सक्षम है. जब हम N95 मास्क की बात करते हैं तो ये प्रदूषण के कणों को रोकने में कारगर होता है. N95 टर्म जिसका इस्तेमाल अकूपेशनल यूसेज में किया जाता है. इनमें विभिन्न तरह के मास्क होता है. N जो होता है वे तेल से रेजिस्टेंट नहीं होता है. यदि मास्क पर तेल गिर गया तो वह कारगर नहीं होता है. जो तेल से रेजिस्टेंट होता है उसको R कहते हैं. यदि मास्क R95 है तो तेल गिरने पर भी काम करता रहेगा. इस मास्क का इस्तेमाल आमतौर पर ड्रिलिंग के समय करते हैं. कुछ प्रोफेशन में तेल का इस्तेमाल किया जाता है. जैसे ड्रिलिंग के समय छोटे-छोटे कण उत्पन्न होते हैं. उस दौरान उत्पन्न कण तेल में चिपक कर हवा के साथ सांस में न जाएं इसके लिए R95 मास्क का इस्तेमाल किया जाता है.

पॉल्यूशन से बचने के लिए N95 मास्क पहनना जरूरी होता है. इसके अलावा गैसेज से बचने के लिए दूसरे तरीके का मास्क आता है, जो काफी भारी होता है. इसकी कीमत भी N95 मास्क से अधिक होता है और उसमें एग्जॉस्ट करने के लिए फिल्टर भी लगे होते हैं. यह गैसेज को सोख लेता है. एक सामान्य लोगों के लिए आमतौर पर N95 मास्क सही है और इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. मास्क को लेने के साथ पहने के तरीके बहुत ही महत्वपूर्ण है. मास्क को पहनने के साथ-साथ उसका सील टेस्ट करना बहुत ही आवश्यक है क्योंकि यदि मास्क में कहीं से भी लीकेज होगा तो वह कारगर नहीं होगा. आमतौर पर मास्क का इस्तोमाल तब तक किया जा सकता है जबतक गीला न हो जाए. मास्क को आमतौर पर अमूमन आठ घंटे तक पहना जा सकता है. इसे खरीदते वक्त N95 को ध्यान में रखना चाहिए.