Remdesivir Effective on Coronavirus Patients: अमेरिका के कैलिफोर्निया की एक बायोटेक कंपनी का कहना है कि इसकी प्रायोगिक दवा रेमेडीसिविर को कोविड-19 से मामूली रूप से बीमार, अस्पताल में भर्ती मरीजों को पांच दिन तक देने पर लक्षणों में सुधार देखा गया है. गिलेड साइंसेज ने सोमवार को कुछ विवरण दिया, लेकिन कहा कि पूर्ण नतीजे मेडिकल जर्नल में जल्द प्रकाशित किए जाएंगे. प्रयोगों में रेमेडीसिविर एक ऐसी दवा के रूप सें उभरी है जिससे इस कोरोना वायरस की लाइलाज बीमारी से लड़ने में मदद की उम्मीद जगी है.Also Read - Coronavirus cases In India: कोरोना संक्रमण के फिर बढ़े मामले, 24 घंटे में 42 हजार से अधिक लोग हुए संक्रमित, 562 की मौत

राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान की अगुवाई में एक बड़ा अध्ययन किया गया था जिसमें पाया गया कि यह दवा गंभीर रुप से बीमार अस्पताल में भर्ती मरीजों के ठीक होने की औसत अवधि को कम करती है. यह दवाई ठीक होने के दिनों को 15 से घटाकर 11 दिन करती है. यह दवा इंजेक्शन के जरिए नस में डाली जाती है. जापान में कोविड-19 के मरीजों का इलाज करने के लिए इसे स्वीकृति दी गई है. अमेरिका में भी इसे कुछ मरीजों को आपात स्थिति में देने की इजाजत दी गई है. Also Read - महाराष्ट्र के गणपति पूजा पर मंडराया कोरोना का खतरा! लालबागचा राजा के होंगे ऑनलाइन दर्शन व पूजा

कंपनी की अगुवाई में करीब 600 मरीजों पर अध्ययन किया गया. उन्हें मामूली निमोनिया था लेकिन उन्हें ऑक्सीजन की जरूरत नहीं थी. सभी को औचक तरीके से पांच से 10 दिन तक दवा दी गई साथ में सामान्य देखभाल की गई. गिलेड ने कहा कि अध्ययन के 11 वें दिन, जिन मरीजों को पांच दिन तक रेमेडीसिविर दी गई थी, उनमें सात बिंदु के पैमाने पर कम से कम एक पर, सुधार की संभावना 65 प्रतिशत अधिक थी. इनमें इलाज की जरुरत और सांस लेने की मशीन जैसे उपाय शामिल हैं.दस दिनों का इलाज अकेले मानक देखभाल से बेहतर साबित नहीं हुआ. Also Read - Coronavirus cases In India: कोरोना संक्रमण के मामले हुए कम, 1 दिन में 30 हजार से अधिक लोग संक्रमित, 422 लोगों की मौत

जिन मरीजों को पांच दिन दवा दी गई उनमें से किसी की मौत नहीं हुई, जबकि 10 दिन दवा देने वालों में से दो की और सिर्फ मानक देखभाल पाने वालों में चार की मौत हुई. इस दवा को लेने वालों में हालांकि जी मिचलाने और सिरदर्द की शिकायत थोड़ा ज्यादा थी. यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा मेडिकल सेंटर में संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ राधा राजासिंघम ने बताया कि अध्ययन की कुछ सीमाएं होती हैं लेकिन एक नियंत्रित समूह होता है जो यह सत्यापित करने में मदद करता है कि रेमेडीसिविर के कुछ फायदे हैं.