Benefits of Saffron: केसर का इस्तेमाल करने के कई फायदे हैं. यह हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम को बढ़ाने में कारगर होता है. केसर खूबसूरती और त्वचा की रंगत निखारने के साथ-साथ खाने का स्वाद और रंगत बढ़ाने में महत्वपूर्ण रोल अदा करता है. इसे मसालों का राजा भी कहा जाता है. इसको सैफ्रॉन (Saffron) या जाफरान (Jaafraan) के नाम से भी जाना जाता है. इसमें डेढ़ सौ से भी ज्यादा ऐसे औषधीय तत्व पाए जाते हैं जो हमारे शरीर के लिए काफी फायदेमंद हैं. किंग केसरिया के एंटरप्रेन्योर सचिन वशिष्ठ बताते हैं कि केसर का मूल स्वाद अत्यधिक कड़वा होता है और इसकी महक सिर चढ़ने वाली होती है जो गुलाब या जैस्मिन की तरह मोहक नहीं होती बल्कि तेज और गहरी होती है. प्रकृति का जादू ही कहा जाए कि जब केसर किसी खाने की वस्तु में मिलता है तो उतना ही बढ़िया स्वाद और महक देता है जैसे उसी व्यंजन के लिए ही कुदरत ने केसर बनाया हो. तो आइए जानते हैं इसके फायदे के बारे में…

केसर के फायदे

यदि नॉर्मल चाय में केसर की 2-3 पत्तियाँ डालकर पीते हैं तो फ्लू से बचा जा सकता है.

आपकी सन क्रीम में होमोस्लेट नामक तत्व रहता है जो आपकी त्वचा के रंग को हल्का रखता है, अध्ययन से पता चला है कि होमोस्लेट जैसी गुणवत्ता केसर में प्राकृतिक तौर पर मौजूद होते हैं. जो आपकी त्वचा के रंग को धब्बे पड़ने से, काला पड़ने से और झुरियां पड़ने से बचाता है. आजकल वियतनाम में भद्र महिलाएं सौंदर्य बढ़ाने के लिए सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में केसर पीती हैं.

कोरोना से बढ़ते अवसाद में केसर की aromatherapy बहुत कारगर सिद्ध हो सकती है. ग्रीन टी या नोर्मल चाय में दिन में एक बार 2-3 धागे केसर के कमाल कर सकते हैं. कई अध्ययन यह साबित कर चुके हैं कि केसर obsessive compulsive disorder जैसी बीमारियों में भी लाभदायक है.

नियमित केसर के उपयोग से ब्लड शुगर को भी नियंत्रित किया जा सकता है. अत्यधिक तनाव से शुगर की बीमारी बढती है और आयुर्वेद में तनाव का तूफानी इलाज केसर ही है. बच्चों को उनके एग्जाम के समय इसका सेवन जरूर करना चाहिए.

ध्यान के उपासक केसर से यदि माथे और जिह्वा पर तिलक करते हैं तो उनका ध्यान तनावमुक्त होता है.

सर्दी, खांसी, जुखाम और सिर दर्द जैसी बीमारियाँ केसर के उपयोग से इसीलिए दूर भागती हैं क्यूंकि केसर अंग्रेजी दवाइयों की तरह बीमारियों के लक्ष्ण पर काम नहीं करता बल्कि आपका imune system(रोग प्रतिरोधक क्षमता) बढ़ाता है, जिससे ये सब बीमारियाँ आपसे दूर रहती हैं.

केसर के प्रयोग से आपका मिजाज़ हमेशा आध्यात्मिक और उर्जावान बना रहता है, इसके पोषकतत्व जैसे जिंक, मैंगनीज और मैग्नीशियम आपको इसकी बहुत कम मात्रा के उपयोग से मिल जाती है.

फेफड़ों की समस्या से अस्थमा जैसी बीमारियाँ होती हैं जो शरीर में कई तरह की जलन भी पैदा करती हैं. प्राचीन काल से केसर का उपयोग ऐसी समस्याओं के लिए किया जाता है.

कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों के लिए केसर में chemopreventive तत्व पाए जाते हैं, जो न सिर्फ कैंसर को बढ़ने से रोकता है बल्कि कैंसर को खत्म भी करता है.

एक व्यस्क के लिए केसर नियमित रूप से इस्तेमाल करने पर 1 ग्राम 20-25 दिन तक बढ़े आराम से चलता है. और यदि परिवार पांच लोगों का हो तो 3-4 ग्राम महीने भर के लिए काफी है.