देश में मध्यम आयु वाले 10 में से 7 लोगों की मांसपेशियों का स्वास्थ्य ठीक नहीं है. हाल ही में हुई एक स्टडी में सामने आया कि हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए मांसपेशियों का मजबूत होना बेहद जरूरी है. इनबॉडी ने यह सर्वे फ्रांस स्थित आईपीएसओएस वैश्विक बाजार शोध संस्था के के साथ मिलकर किया है.

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इस स्टडी में सामने आया है कि देश के 30 से 50 आयु वर्ग वाले 71 फीसदी से ज्यादा पुरुष और महिलाओं में मांसपेशियों का द्रव्यमान (मास) ज्यादा होने की जरूरत है. इसके अलावा 68 फीसदी भारतीयों में शरीर में प्रोटीन की मात्रा जरूरी स्तर से कम पाई गई, जिससे मांसपेशियों की सेहत खराब रही.

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शोधकर्ताओं ने कहा कि खराब मांसपेशीय मास की वजह से मांसपेशी के कार्य और उपापचय स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है. इस शोध दल ने दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, लखनऊ, पटना और हैदराबाद सहित 8 भारतीय शहरों के 30 से 55 साल के बीच के 1,243 लोगों के आंकड़ों का विश्लेषण किया.

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लखनऊ के लोगों में सबसे ज्यादातर पुरुषों में यह समस्या सामने आई है. इसमें 82 प्रतिशत पुरुष और 80 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं. दूसरी तरफ इस लिस्ट में दिल्ली-एनसीआर के लोगों का नंबर आता है. इसमें 64 फीसदी पुरुष और महिला शामिल हैं.