पीरियड्स में होता है आपको बेसुध करने वाला दर्द? आपको हो सकता है इस बीमारी का खतरा

Endometriosis Symptoms and Treatment: पीरियड्स के दौरान कुछ लड़कियों को बहुत ज्यादा दर्द होता है. इस दर्द से लड़कियां बेसुध होकर कई बार बेहोश तक हो जाती हैं. इस लेवल का दर्द कुछ बीमारियों का संकेत देता है, जिनको इग्नोर नहीं करना चाहिए.

Published date india.com Published: December 21, 2025 12:23 PM IST
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Unbearable Menstrual Cramps Causes: हर महिला प्रत्येक माह पीरियड्स के दर्द से जूझती है. कई बार दर्द इतना खराब स्थिति में आ जाता है कि महिला एडमिड तक हो जाती है. मगर इस दर्द को समझने की बजाय, उसको चुप करा दिया जाता है. वास्तव में, अगर किसी महिला को पीरियड्स के दौरान इतना दर्द हो रहा है, तो यह कोई सामान्य दर्द नहीं बल्कि इस बीमारी का खतरा है.

एंडोमेट्रियोसिस क्या है?

एंडोमेट्रियोसिस एक आम बीमारी है जो महिलाओं को होती है. इसमें गर्भाशय के अंदर की परत जैसा ऊतक गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगता है. यह ऊतक अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब या पेट के अन्य हिस्सों में फैल सकता है. हर महीने पीरियड्स के समय यह ऊतक भी मोटा होता है और टूटता है, लेकिन बाहर होने की वजह से खून निकल नहीं पाता। इससे सूजन और तेज दर्द होता है. भारत में लाखों महिलाएं इससे प्रभावित हैं, लेकिन कई बार इसे सामान्य पीरियड दर्द समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है.

मुख्य लक्षण क्या हैं?

सबसे बड़ा लक्षण है पीरियड्स के दौरान बहुत तेज दर्द. यह दर्द इतना ज्यादा हो सकता है कि महिला बेसुध हो जाए या रोज का काम न कर पाए. दर्द पेट के नीचे, कमर में या जांघों में फैल सकता है.

अन्य लक्षणों में शामिल हैं:

  • पीरियड्स में ज्यादा खून आना या अनियमित पीरियड्स.
  • सेक्स करने में दर्द होना.
  • पेशाब या पॉटी करते समय दर्द.
  • थकान, उल्टी या पेट की समस्या.
  • कुछ महिलाओं को बच्चा पैदा करने में दिक्कत आती है

ये लक्षण हर महिला में अलग-अलग हो सकते हैं. कुछ में हल्के होते हैं, तो कुछ में बहुत गंभीर.

कारण और खतरे के कारक

इस बीमारी का सटीक कारण पता नहीं है, लेकिन कुछ वजहें हो सकती हैं जैसे पीरियड्स का खून उल्टा बहना, हार्मोन की गड़बड़ी या परिवार में किसी को होना.

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खतरे बढ़ाने वाले कारक हैं:

  • कम उम्र में पीरियड्स शुरू होना.
  • कभी प्रेग्नेंट न होना.
  • परिवार में किसी को यह बीमारी होना.

अगर इलाज न किया जाए तो यह बांझपन या अन्य समस्याएं पैदा कर सकती है.

कब डॉक्टर से मिलें और इलाज?

अगर पीरियड्स में दर्द इतना तेज है कि दवा से भी आराम न मिले, या रोज की जिंदगी प्रभावित हो, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें. जांच में अल्ट्रासाउंड या लैप्रोस्कोपी की जा सकती है. इलाज में दर्द की दवाएं, हार्मोन की गोली या सर्जरी शामिल है. सर्जरी से प्रभावित ऊतक हटाया जाता है, जिससे आराम मिलता है.

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. इसे केवल सुझाव के तौर पर लें. इस तरह की किसी भी जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. (Images: Pinterest)

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