लंदन: सोशल मीडिया के कारण वर्चुअल रिएलिटी का दखल बढ़ता जा रहा है. आज अमूमन हर व्यापार का डिजिटल वर्जन सोशल मीडिया पर मौजूद है जिसका लोग धड़ल्ले से इस्तेमाल करते हैं. अभी तक हम पढ़ते आए हैं कि स्मार्टफोन का अधिक इस्तेमाल डिप्रेशन का कारण बन सकता है. हाल ही में एक स्टडी के मुताबिक भावानात्मक रूप से कमजोर और डिप्रेशन के पीड़ित लोगों में स्मार्टफोन की लत पड़ने की संभावना ज्यादा होती है. रिसर्च में पाया गया है कि भावनात्मक रूप से कमजोर होना स्मार्टफोन व्यवहार से जुड़ा हुआ है. Also Read - Viral Video: गर्म तेल में हाथ डालकर महिला ने तलीं पकौड़ियां, जिसने देखा दंग रह गया...

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ब्रिटेन के डर्बी विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान के प्रवक्ता जहीर हुसैन ने एक बयान में कहा, “समस्या से जूझ रहे लोगों में स्मार्टफोन का इस्तेमाल पहले के विचार की तुलना में ज्यादा जटिल है. हमारे शोध में स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर विभिन्न प्रकार के मनोवैज्ञानिक कारकों के परस्पर प्रभाव को उजागर किया गया है.” जानकारी के मुताबिक ऐसे लोग जो अपने मानसिक स्वास्थ्य से संघर्ष करते हैं, उनमें स्मार्टफोन के इस्तेमाल की संभावना ज्यादा होती है. Also Read - Water On Moon Memes: चांद पर मिला पानी, सोशल मीडिया पर मीम्स की बरसात, लोग बोले- एक गिलास पानी...

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ऐसे लोग स्मार्टफोन का इस्तेमाल चिकित्सा पद्धति के रूप में करते हैं. इसी तरह कम ईमानदार व्यक्ति के फोन के इस्तेमाल करने की लत ज्यादा होने की संभावना होती है. इस शोध से यह भी पता चला है कि चिंता का स्तर बढ़ने से स्मार्टफोन का इस्तेमाल भी बढ़ता है.