स्मोकिंग करने वाले लोगों की संख्या में दिन-ब-दिन इजाफा होता जा रहा है. स्कूल और कॉलेज के स्टूडेंट्स भी धड़ल्ले से स्मोकिंग करते हुए देखे जा सकते हैं. कुछ को इसकी लत है तो कुछ इसे फैशन और स्टाइल स्टेटमेंट मानकर इसकी गिरफ्त में आ जाते हैं. हर हफ्ते कम से कम एक घंटे धूम्रपान के संपर्क में रहने से सांस संबंधी जोखिमों का खतरा बढ़ सकता है. इससे किशोरों में सांस संबंधी दिक्कत और सूखी खांसी पैदा हो सकती है.

अमेरिका के सिनसिनाटी विश्वविद्यालय के शोध की प्रमुख लेखक एशले मेरीयानोस ने कहा, “स्मोकिंग करने वालों के संपर्क में आने को लेकर स्मोकिंग से प्रभावित होने से बचने के लिए कोई सुरक्षित स्तर नहीं है.” मेरियानोस ने कहा, “यहां तक कि कम मात्रा में स्मोकिंग के संपर्क में आने पर भी किशोरों को कई बार हॉस्पिटल जाना पड़ सकता है और स्वास्थ समस्याएं हो सकती हैं.

इसमें सिर्फ सांस संबंधी लक्षण नहीं हैं, बल्कि समग्र रूप से स्वास्थ्य में कमी भी शामिल है.” इस शोध का प्रकाशन पिडियाट्रिक्स नामक पत्रिका में किया गया है. इसमें 7,389 धूम्रपान नहीं करने वाले अमेरिकी किशोरों को शामिल किया गया, जिन्हें अस्थमा नहीं था. शोध के निष्कर्षों से पता चला है कि हर हफ्ते एक घंटे धूम्रपान करने वालों के संपर्क में रहने से किशोरों में व्यायाम करने में 1.5 गुना मुश्किल पाई गई, जबकि व्यायाम के दौरान या बाद मेंदोगुना तेज-तेज सांस लेने की समस्या देखी गई.