नई दिल्ली: ठंड में थोड़ी कमी आई है, लेकिन इतनी नहीं कि इससे बेपरवाह हो जाएं. कई जगहों पर बर्फवारी भी हो रही है. ऐसे में खुद को ऐसी ठंड से बचाए रखना किसी चुनौती से कम नहीं है. इन मौसम में कई तरह की बीमारियां होने के खतरे बढ़ जाते हैं. सर्दियों के मौसम में हमलोग इन छह टिप्स की मदद से खुद को बचा सकते हैं. आइए जानते हैं डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के वरिष्ठ पल्मोनरी फिजिशियन डॉ. देश दीपक से सर्दियों से बचने के 6 टिप्स.

1. कपड़े इस्तेमाल करने के तरीके: सर्दियों के मौसम में खुद को अच्छी तरह से ढक कर रखें. इन मौसम में डबल लेयर के कपड़े का इस्तेमाल बेहतर होते हैं क्योंकि कपड़ों की परतों के बीच हल्की गर्म हवा मौजूद रहती है. हमलोगों को सर्दियों के दौरान अंदर पतले और हल्के कपड़े पहने और बाहर मोटे कपड़े का इस्तेमाल करना चाहिए. सर्दियों के मौसम में हमारे शरीर में ठंडी परिधीय भागों से महत्वपूर्ण आंतरिक अंगों तक रक्त पहुंचता है. इसलिए हमारे शरीर का कोई भी हिस्सा खुला नहीं होना चाहिए. अगर कोई भी हिस्सा खुला है तो उसे दस्ताने या मिट्टन्स, मोजे और टोपी से कवर कर लेना चाहिए. वर्षा या बर्फबारी के समय जलरोधक कपड़े का इस्तेमाल करना चाहिए.

2. गर्म वातावरण बनाए रखना: अगर ठंड ज्यादा हो तो बुजुर्ग और छोटे बच्चों को बाहर जाने से बचना चाहिए. ओस सूखने के बाद टहलने जाना बेहतर होता है. सर्दियों के मौसम में दरवाजे और खिड़कियां बंद रखना चाहिए क्योंकि ठंडी हवा अंदर नहीं आ पाती और तापमान गर्म रहता है. कमरे को गर्म करने के लिए जिस जगह आग जलाई जा रही है उसे कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) और कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) जैसी गैसों के संचय को रोकने के लिए अच्छी तरह से हवादार होना चाहिए. CO जहरीला, रंगहीन और गंधहीन होता है. इससे सिरदर्द, चक्कर आना, मतली, उल्टी आदि के लक्षण हो सकते हैं.

3. स्वच्छता: सर्दियों में, खराब वेंटिलेशन, एक-दूसरे से हाथ मिलाने, धूप की कमी और नमी फ्लू वायरस जैसे रोगाणुओं के कारण एक-दूसरे लोगों में स्थानांतरित होता है. इसीलिए सर्दियों को ‘फ्लू का मौसम’ भी कहा जाता है. नम और ठंडी जलवायु भी इनडोर मोल्ड के विकास में मदद करती है. इसलिए, बार-बार हाथ धोने, खांसी, छींक को कवर करने, बार-बार मुंह और नाक को छूने से बचने के लिए सर्दियों में स्वच्छता बनाए रखना महत्वपूर्ण है. नियमित रूप से स्नान करना और कपड़े बदलना आवश्यक है. पानी बहुत अधिक गर्म नहीं होना चाहिए. हॉट शावर 10-15 मिनट से कम होना चाहिए क्योंकि त्वचा पर तेल की परत जो नमी के नुकसान को रोकती है वह नष्ट नहीं होती है. मॉइस्चराइज़र और तेल का उपयोग स्वस्थ त्वचा को बनाए रखने में मदद करता है.

4. आहार: सर्दियों के मौसम में हाइड्रेशन बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हमारी श्वसन परत और त्वचा को सूखने नहीं देता है. कॉफी और चाय जैसे पेय बार-बार पेशाब आने का कारण है इसलिए इसके इस्तेमाल से बचना चाहिए. घर पर बने सूप तैयार किए गए प्रीमिक्स की तुलना में बेहतर होते हैं क्योंकि इसमें सोडियम मौजूद होता है, जो रक्तचाप को बढ़ा सकती है. शराब के सेवन से बचना चाहिए क्योंकि अल्कोहल से उत्पन्न गर्मी जल्दी से घुल जाती है जो हमारी त्वचा में रक्त वाहिकाओं को चौड़ा करती है. पोषण बनाए रखने के लिए मौसमी फलों और सब्जियों का सेवन करना सबसे अच्छा है. मीडियम मात्रा में सूखे मेवे भी फायदेमंद होते हैं. जबकि शरीर के तापमान को बनाए रखने के लिए सर्दियों में ऊर्जा की आवश्यकता अधिक हो सकती है, लेकिन चीनी और चॉकलेट जैसे खाद्य पदार्थों से बचा जाना चाहिए. क्योंकि इसमें कैलोरी की मात्रा अधिक होती है.

5. नींद और व्यायाम: हमलोगों को 7-9 घंटे प्रति दिन सोना चाहिए. हालांकि, अधिक रात और धूप की कमी से मनोदशा विकार (Mood Disorder) हो सकता है. इसलिए, सर्दियों में धूप सेकना चाहिए. इससे उदास विकार को रोका जा सकता है. व्यायाम फिट रखने और मूड को ठीक करने में मदद करता है. दिल पर बहुत अधिक तनाव को रोकने के लिए भारी आउटडोर व्यायाम से बचना चाहिए, हल्के इनडोर व्यायाम गतिविधि के स्तर को बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं.

6. दवा और टीकाकरण: जिन लोगों को पुरानी बीमारी है, उन्हें नियमित रूप से दवा लेनी चाहिए. अस्थमा के कुछ रोगियों को इसकी आवश्यकता हो सकती है. ठंडी हवा के सीधे संपर्क में आने से बचने के अलावा उनकी दवा की खुराक बढ़ाएं. उन्हें मोल्ड के किसी भी विकास की जांच करने के लिए भी उपाय करना चाहिए. दूषित भारी असबाब की उपस्थिति, खासकर अगर यह गीला हो जाता है हानिकारक हो सकता है. वैक्यूम सफाई आसपास के स्वच्छ रखने और एलर्जेन लोड को कम करने में सहायक हो सकती है. बुजुर्ग लोग और पुरानी बीमारियों वाले रोगियों को सर्दियों से पहले शेड्यूल तरीके से इन्फ्लूएंजा और न्यूमोकोकल टीके लगवा लेना चाहिए.