वॉशिंगटन: पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर क्या होगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि बचपन के दौरान उनके आसपास का माहौल कैसा था.Also Read - शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा को गरीबी से थी नफरत, पापा करते थे कंडक्टरी...मां करती थीं फैक्ट्री में काम

डरहम यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की मानें तो जिन पुरूषों का बचपन अधिक चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में गुजरता है जैसे कि जहां बहुत अधिक संक्रामक रोगों का खतरा होता है, आगे के जीवन में उनके टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम रहने की संभावना होती है. उनकी तुलना में उन पुरूषों का टेस्टोस्टेरोन का स्तर ज्यादा होता है जिनका बचपन स्वस्थ माहौल में गुजरा. Also Read - बचपन में बहुत तंग करती थीं Priyanka Chopra, मम्मी-पापा ने भेज दिया हॉस्टल, एक बार तो...

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नेचर इकोलॉजी ऐंड इवॉल्यूशन नाम के शोध में इस परिकल्पना को चुनौती दी गई है कि टेस्टोस्टेरॉन के स्तर को आनुवांशिकी या प्रजाति नियंत्रित करती है.

टेस्टोस्टेरोन का उच्च स्तर प्रोस्टेट एनलार्जमेंट या कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है. ऐसे में शोधकर्ताओं का मानना है कि जोखिम का आकलन करने के लिए पुरूष के बचपन के माहौल पर भी गौर करना चाहिए.

शोध में पाया गया कि बांग्लादेशी व्यक्ति जो ब्रिटेन में पले-बढ़े, उनका टेस्टोस्टेरोन का स्तर उल्लेखनीय रूप से उच्च था बनिस्पत उनके जो बांग्लादेश में पले-बढ़े.
(एजेंसी से इनपुट)