आमतौर पर हमारे समाज में sleep orgasm को लेकर बात नहीं की जाती. ये एक ऐसी चीज है जिसका अनुभव दुनिया का हर इंसान करता है. समाज में इसको लेकर एक तरह की नकारात्मक सोच है. पुरुष खासकर युवा जब इस दौर से गुजरते हैं तो वे समाज की इसी नकारात्मक सोच के कारण इस पर खुलकर बात नहीं कर पाते हैं. ऐसे में आप सोच सकते हैं कि sleep orgasm को लेकर जब पुरुष इतना संकोची हो सकता है तो क्या महिलाएं इसके बारे में बात करने की हिम्मत जुटा पाएंगी. इसीलिए आज हम इस बारे में कुछ वैज्ञानिक तथ्य साझा कर रहे हैं.

दरअसल, sleep orgasm को आम बोलचाल की भाषा में स्वप्नदोष कहा जाता है. sleep orgasm का शाब्दिक अर्थ नींद में सेक्स की अनुभूति करने से है. पुरुषों में ऐसा होना बेहद समान्य है, लेकिन ऐसे तमाम लोग हैं जिन्हें अभी यह भी नहीं पता है कि महिलाएं भी इस दौर से गुजरती हैं. महिलाओं को होने वाली इस अनुभूति को लेकर कोई शब्द नहीं है.

क्या है Sleep orgasm
विशेषज्ञों का कहना है कि Sleep orgasm एक तरह की सेक्सुअल उत्तेजना है, जिसे इंसान नींद में महसूस करता है. इसे कामुक सपना कहा जा सकता है. पुरुष में ऐसा होने के प्रमाण दिख जाते हैं वहीं महिलाओं में ऐसा कुछ दिखाई नहीं देता. Sleep orgasm यानी नींद में कामुक सपने देखने के दौरान पुरुष का स्पर्म डिस्चार्ज हो जाता है. लेकिन महिलाओं में ऐसा कोई बदलाव नहीं होता. इसलिए समाज में आज भी ये धारणा बनी हुई है कि महिलाओं में ऐसा कुछ होता ही नहीं है. लेकिन तमाम शोध ने इन धारणाओं को खारिज कर दिया है. उसने साबित कर दिया है कि नींद में महिलाएं भी कामुक सपने देखती हैं और उन्हें भी इसका अहसास सुखद लगता है.

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महिलाओं में Sleep orgasm
दरअसल, विज्ञान कहता है कि Sleep orgasm के दौरान महिलाओं द्वारा देखे गए कामुक सपने की केवल याद ताजा रहती है. पुरुषों की तरह उनके शरीर में इस दौरान कोई बदलाव नहीं होता. इस कारण वे इसको लेकर भ्रम में रहती हैं. उनको पता नहीं चलता कि ये केवल एक सपना था या फिर इस दौरान उन्होंने सेक्स की अनुभूति की. इसको लेकर 1986 में Journal of Sex Research में छपे एक अध्ययन में कहा गया था कि कम से कम 37 फीसदी महिलाओं को लगता है कि उन्हें इस दौरान सेक्स की अनुभूति हुई.

महिला में मनोवैज्ञानिक बदलाव
जैसा कि हम कह रहे हैं कि पुरुषों में Sleep orgasm का फिजिकल प्रमाण होता है, जबकि महिलाओं में इसका कोई सबूत नहीं होता. इस दौर से गुजरने वाली महिला को ही उसके बारे में जानकारी होती है. इस कारण महिला में मनोवैज्ञानिक बदलाव होता है, जिसे दूसरा कोई व्यक्ति देख या महसूस नहीं कर सकता. ऐसे में महिलाओं में Sleep orgasm का पता लगाने के लिए 1983 में शोधकर्ताओं ने इस दौरान महिलाओं में होने वाले दैहिक बदलाव को मापने की कोशिश की.

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उन्होंने पाया कि Sleep orgasm के दौरान महिलाओं में दिल की धड़कन 50 से बढ़कर 100 और सांस लेने की दर 12 से बढ़कर 22 प्रति मिनट हो गई. इस दौरान महिलाओं के वजिना में रक्त का प्रवाह भी तेज हो गया. दरअसल, Sleep orgasm के दौरान हमारा शरीर शिथिल रहता है, लेकिन इस दौरान रैपिड आई मूवमेंट (REM) होते रहते हैं. तकनीकी तौर पर कहें तो REM के दौरान हमारा दिमाग सक्रिय रहता है. इस कारण हम उत्तेजना महसूस करते हैं. ऐसी नींद को REM स्लीप कहते हैं. इस दौरान पुरुषों के erectile tissue और महिलाओं को clitoral complex में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है. इस तरह इन tissues में रक्त के प्रवाह बढ़ने से हम सेक्सुअल उत्तेजना महसूस करते हैं.