टोरंटो: एक वैश्विक अध्ययन के अनुसार तापमान और अक्षांश कोविड-19 के प्रसार के साथ जुड़े हुए नहीं हैं. अध्ययन में पाया गया है कि स्कूलों को बंद रखना और अन्य सरकारी स्वास्थ्य उपायों का कोरोना वायरस के रोकथाम पर सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है.अध्ययन में 144 भूराजनीतिक इलाकों- ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और कनाडा के राज्यों एवं प्रांतों तथा विश्व के कई अन्य क्षेत्रों और कोविड-19 के कुल 3,75,600 मामलों को देखा गया. Also Read - लॉकडाउन को फेल बताने पर राहुल गांधी पर बीजेपी का पलटवार: झूठ नहीं फैलाएं, दुनिया के आंकड़े देखें

अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि चीन, इटली, ईरान और दक्षिण कोरिया को इसलिए बाहर रखा गया है क्योंकि अन्य क्षेत्रों के विश्लेषण के वक्त चीन में वायरस या तो कमजोर हो रहा था या बीमारी अपनी पूर्णता पर थी.टोरंटो यूनिवर्सिटी और कनाडा के सेंट माइकल्स अस्पताल के पीटर जूनी ने कहा, “हमारा अध्ययन कोविड-19 महामारी से वैश्विक डेटा का इस्तेमाल कर महत्त्वपूर्ण नए साक्ष्य उपलब्ध कराता है कि इन सार्वजनिक स्वास्थ्य हस्तक्षेपों ने महामारी को बढ़ने से रोका है.’’महामारी के विकास का अनुमान लगाने के लिए अनुसंधानकर्ताओं ने 27 मार्च के मामलों की संख्या की तुलना 20 मार्च के मामलों के साथ की. Also Read - बढ़ते लॉकडाउन और कोरोना के प्रभाव से परेशान हो गए हैं रणवीर सिंह, बोले- तबाह कर देने जैसा है

उन्होंने सात से 13 मार्च के बीच संपर्क की अवधि के दौरान अक्षांश, तापमान, नमी, स्कूल बंद रहने, लोगों के जमा होने और सामाजिक दूरी के प्रभाव को निर्धारित किया.अध्ययन में कोविड-19 के महामारी विकास के साथ तापमान या अक्षांश का कोई संबंध नहीं देखा गया और नमी तथा संक्रमण घटने के बीच भी कमजोर संबंध देखा गया. इस परिणाम ने अनुसंधानकर्ताओं को चौंकाया है कि गर्म मौसम का वैश्विक महामारी के बढ़ने-घटने पर कोई फर्क नहीं पड़ता.यह अध्ययन ‘कैनेडियन मेडिकल एसोसिएशन जर्नल” में प्रकाशित हुआ है. Also Read - Coronavirus In India Update: संक्रमितों का आंकड़ा 1 लाख 51 हजार के पार, इस राज्य में सबसे अधिक मामले