दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल (Sir Ganga Ram Hospital) द्वारा की गई नई स्टडी में यह पाया गया है कि, कोविड होने का रिस्क आपके ब्लड ग्रुप (Blood Group) से भी जुड़ा हुआ है. इस स्टडी को इंटरनेशनल जर्नल फ्रंटियर्स इन सेल्यूलर एंड इंफेक्शन माइक्रोबायोलॉजी के संस्करण में भी प्रकाशित किया जा चुका है. हालांकि ब्लड ग्रुप और कोविड द्वारा होने वाली मृत्यु के बीच कोई संबंध नहीं है. इस स्टडी के मुताबिक जिन लोगों का ब्लड ग्रुप A, B और RH है, उन्हें कोविड होने का खतरा सबसे अधिक है. वहीं जिनका ब्लड ग्रुप O, AB और RH- है, उन्हें कोविड संक्रमण होने का खतरा सबसे कम है.Also Read - लगातार दूसरे दिन कोरोना के एक लाख से ज्यादा मामले, 24 घंटों में 1.41 लाख नए केस, पॉजिटिविटी रेट 10 के करीब

गंगाराम अस्पताल से डॉक्टर रश्मि राणा का कहना है कि 2020 में 8 अक्टूबर तक अस्पताल में लगभग 2586 मरीज आए थे. इन मरीजों में से 41% पॉजिटिव मरीज B ब्लड ग्रुप के पाए गए थे और इस ब्लड ग्रुप को कॉविड होने का सबसे ज्यादा खतरा है. इन मरीजों में से 29% A ब्लड ग्रुप वाले लोग थे और सबसे कम पॉजिटिव ‘O’ ब्लड ग्रुप पाया गया, जिसके केस केवल 21% ही थे. AB ब्लड ग्रुप के केवल 7.98% केस ही पाए गए थे. इसके अलावा RH फैक्टर के भी बहुत अधिक पॉजिटिव केस मिल रहे थे. इस फैक्टर के नेगेटिव ग्रुप के केवल 2% केस ही आए थे. Also Read - World News: चीन में दोबारा फैलने लगा कोरोना वायरस, एक ही प्रांत में मिले सैकड़ों नए मरीज

अगर सबसे कम खतरे वाले ब्लड ग्रुप की बात करें तो वह है AB ग्रुप. इस स्टडी में एक और बात सामने आई की B ब्लड ग्रुप में महिलाओं के मुकाबले पुरुषों को अधिक कोविड होने का खतरा पाया गया है. इस ग्रुप में 60 साल से ऊपर के पुरुषों को अधिक कोविड देखने को मिला है. ब्लड ग्रुप A or RH के जो लोग पॉजिटिव पाए गए थे, वह ठीक होने में काफी कम समय ले रहे थे. वहीं अगर सबसे अधिक ठीक होने का समय लेने की बात करें तो ऐसा ‘O’ और RH नेगेटिव ब्लड ग्रुप में पाया गया था. Also Read - Covid Updates: आपके पेट एनिमल्स भी आ सकते हैं कोरोना की चपेट में, बचाव के लिए इस सलाह को करें फॉलो

इस स्टडी के माध्यम से पहली बार यह बात सामने आई है कि आप को कोविड होने का खतरा आप के ब्लड ग्रुप पर भी निर्भर करता है. इन ब्लड ग्रुप में कोविड कितनी गंभीरता से अटैक करता है या जानलेवा भी हो सकता है या नहीं, इस बात की अभी पुष्टि नहीं हो पाई है. यह नतीजे अप्रैल 2020 से ले कर अक्टूबर 2020 तक के बीच आने वाले कोविड मरीजों के ऊपर की स्टडीज के है.