नई दिल्‍ली: नए साल के आगमन के साथ ही अब ठंड ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. आज और कल हुई बारिश के बीच मौसम में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. मौसम बदलने के साथ ही सर्दी-जुखाम और वायरल इंफेक्‍शन का खतरा बढ़ गया है. ऐसे में जहां बुजुर्गों व जवानों को अपना ख्‍याल रखने की जरूरत है, वहीं खासतौर पर बच्चों पर विशेष ध्‍यान देने की जरूरत है. क्‍यों‍कि बच्‍चे इसकी चपेट में आसानी से आ जाते हैं. आमतौर पर हल्के कोल्ड या कफ की समस्या में हम लोग बच्चों को दवाएं भी दे देते हैं. लेकिन दवाओं का उपयोग करते समय कुछ बातें हमेशा दिमाग में रखनी चाहिए, जिससे आपका बच्‍चा जल्‍द सर्दी-जुकाम से राहत पा लेता है. तो आइए जानें कि लोगों को क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए:-

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बच्‍चों को दवा देने से पहले करें ये काम

1- पढ़ें, दवा के ऊपर लिखी सावधानी
हमेशा सभी ओवर-द-काउंटर मिलने वाली इस तरह की दवाओं पर तथ्यों वाला लेबल पढ़ें और सभी खुराक उसमें दिए गए निर्देशों के अनुसार ही बच्‍चों को दें.

2- बच्‍चों को इस हिसाब से दें दवा
केवल अपने बच्चों की उम्र के लिए उपयुक्त उत्पादों का ही उपयोग करें. इसके साथ ही केवल अपने बच्चे के लक्षणों का उपचार करने वाली दवा दें. अतिरिक्त दवाएं बिल्कुल न दें.

3- ऐसे दें दवा की खुराक
दवा की खुराक देने के लिए मापने वाले चम्मच या कप का ही प्रयोग करें जोकि दवा के साथ आते हैं. या फिर उन दवाओं को मापने के लिए विशेष रूप से बनाये गये बर्तन का ही प्रयोग करें.

बच्‍चों को सर्दी हो तो क्या न करें
कभी भी 20 साल से कम उम्र के बच्चों को एस्पिरिन या एस्पिरिन युक्त दवा नहीं देनी चाहिये. इसके अलावा बच्चों को कभी भी नींद लाने के लिए एंटीथिस्टेमाइंस युक्त दवाएं (Dimetapp, Benadryl) नहीं देना चाहिये. ऐसा करना खतरनाक हो सकता है.

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बरतें ये सावधानी
अक्‍सर देखा गया है कि बच्चे बड़ों को ही देखकर सीखते हैं, इसीलिए इन सभी बातों को अमल में लाकर बच्चों के सामने एक अच्छा उदाहरण पेश करें.

  • अपने हाथों को हमेशा साबुन और पानी से धोएं. ये कई तरह के सामान्य संक्रमणों को रोकने के लिए सबसे बढ़िया उपाय है.
  • यदि ये उपलब्ध नहीं है, तो हाथों को धोने के लिए एक अल्कोहल युक्त सेनिटाइजर का प्रयोग किया जा सकता है.
  • खांसते या छींकते समय अपने मुंह और नाक को ढंकने के लिए रूमाल या टिश्यू पेपर का प्रयोग करना चाहिए.
  • दरवाजों के हैंडल, रिमोट कंट्रोल, हैण्ड रैल्स, कम्प्युटर का कीबोर्ड जैसी चीजों के बाह्य भागों को साफ रखना चाहिए.
  • यदि बच्चा फ्लू के जैसी कोई बीमारी से पीड़ित हो, तो उसकी घर पर ही देखरेख करें.
  • संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए बच्चे को अन्य लोगों के संपर्क में आने से बचाए.
  • वायरल संक्रमण से बचाव के लिए टीका लेने के लिए प्रोत्साहित करें.

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