Kasturi Manjal: आपके किचन का प्रमुख मसाला है कस्तूरी मंजल, जानिए इसके 10 प्रमुख फायदे

Kasturi Manjal: कस्तूरी मंजल का वैज्ञानिक नाम कर्कुरा अरोमाटिका है और यह बहुत ही गुणकारी है. आइए जानते हैं इस बहुत ही लाभदायक जड़ी के 10 प्रमुख लाभ.

Published date india.com Updated: March 30, 2023 12:46 PM IST
कस्तूरी मंजल की गुण
कस्तूरी मंजल की गुण

Kasturi Manjal: कस्तूरी मंजल कुछ और नहीं बल्की आपके किचन में रखी हुई हल्दी है. हल्दी हमारे जीवन के कितने लम्हों से जुड़ी है. आज हल्दी हाथ और हल्दी की रस्म की बात नहीं बल्कि हल्दी के गुणों की बात करेंगे. आयुर्वेद में हल्दी को बहुत ही गुणकारी बताया गया है. माना जाता है कि इसी पीली जड़ी में कई मेडिसिनल गुण होते हैं. हल्दी शरीर में एनर्जी को बूस्ट करती है, गैस दूर करने में मदद करती है, किटाणुओं से मुक्ति दिलाती है. पाचन शक्ति को सुधारने के लिए भी हल्दी जानी जाती है. इसके अलावा हल्दी के गुण महिलाओं में माहवारी में सुधार के साथ ही गॉल ब्लैडर के स्टोन को हटाने में मददगार होती है और आर्थराइटिस की समस्या से छुटकारा भी दिलाती है. हल्दी का वैज्ञानिक नाम कर्कुरा अरोमाटिका है और हिंदी में इसे कस्तूरी मंजल भी कहते हैं.

हल्दी को परंपरिक आयुर्वेदिक इलाज में उसके एंटीबैक्टीरियल और एंटीमाइक्रोबियल गुणों की वजह से सदियों से इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा यह भारतीय भोजन और संस्कृति का एक अहम हिस्सा है. हल्दी खाने में कड़वी होती है और इसकी महक भी बहुत स्ट्रॉन्ग होती है. हल्दी में पाया जाने वाला प्रमुख कैमिकल करक्यूमिन अपने फाइटो इंग्रेडिएंट्स के लिए जाना जाता है. करक्यूमिन के कारण ही हल्दी को उसका पीला रंग मिलता है और यह विशेषतौर पर जोड़ों के लिए बहुत ही उपयोगी होती है. इसके अलावा हल्दी के एंटी इंफ्लेमेटरी गुण इसे और भी लाभदायक बनाते हैं. हल्दी के गुण इतने खास हैं कि इसे जादुई जड़ी भी कहा जाता है.

हल्दी के फायदे

जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया, हल्दी बहुत ही गुणकारी है और यह कई तरह की समस्याओं से छुटकारा दिला सकती है. आइए जानते हैं हल्दी के ऐसे गुण, जो आपको इसकी अहमियत बताएंगे और कई तरह की समस्याओं से निजात भी दिला सकते हैं.

  1. हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो इसे खांसी और गले में खराश की समस्याओं में बहुत ही लाभदायक बनाते हैं. खांसी और गले की खराश से छुटकारा पाने के लिए एक गिलास गर्म पानी में एक चुटकी हल्दी मिलाकर दिन दो बार पिएं.
  2. माना जाता है कि हल्दी में कैंसर रोधी गुण होते हैं. हल्दी शरीर के हेल्दी सेल्स को मुक्त कणों (Free Radicals) से बचाती है और कैंसर जैसी घातक बीमारी के खतरे को कम करती है. यह शरीर में ट्यूमर सेल्स के विकास को स्लो करने में मददगार साबित होती है. शुगर लेवल को कंट्रोल में रखकर हल्दी डायबिटीज के इलाज में भी उपयोगी साबित होती है.
  3. हल्दी में मौजूद कैमिकल करक्यूमिन हमारी इम्युनिटी में सुधार करता है. यह प्रोइंफ्लेमेटरी साइटोकीन्स को दबाने के साथ ही एलर्जी डिसऑर्डर को मैनेज करने में भी हेल्प करती है. टी-सेल, बी-सेल और नैचुरल किलर सेल पर करक्यूमिन का असर होता है और यह इंफेक्शन से लड़ने में मदद कर सकता है.
  4. हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-कैंसर और न्यूरोप्रोटेक्टिव सबस्टांस होते हैं, जो आर्थराइटिस के मरीजों के लिए लाभदायक होते हैं. हल्दी में पाया जाने वाला एक्टिव केमिकल करक्यूमिन, इंफ्लेमेटरी और डिजेनरेटिव आर्थराइटिस के इलाज में उपयोगी हो सकता है. इसके लिए हल्दी का मसाले के रूप में सेवन किया जा सकता है. चाय बनाई जा सकती है या सप्लीमेंट की तरह इसका सेवन किया जा सकता है. Turmeric for Cancer Cure
  5. हल्दी यानी कस्तूरी मंडल छोटे-मोटे घावों, कटने, फटने जैसी स्थितियों में लाभदायक होती है. यहां तक कि स्कार और सांप के काटने पर भी हल्दी फायदेमंद साबित हो सकती है. यह घावों के ठीक होने की प्रोसेस को स्पीडअप करती है और स्टार टिश्यू को कम करती है. हल्दी में मच्छरों से बचाने वाले गुण भी होते हैं, इसके इस्तेमाल से आपको मच्छर नहीं काटेंगे.
  6. हल्दी में लिवर को स्वस्थ रखने वाले गुणकारी कंपाउंड भी होते हैं, जो लिवर को कार्बन टेट्राक्लोराइड से होने वाले नुकसान से बचाती है. यह किडनी, हार्ट और ब्रेन को भी सुरक्षित रखती है. यह कई तरह की न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के इलाज में भी मदद करती है. जिनमें अल्जाइमर, पार्किंसन्स, मल्टीपल स्कलेरोसिस, डिमेंशिया और हंटिंगटन्स डिजीज शामिल हैं.
  7. भारत जैसे देशों में हल्दी को सदियों से नेचरल ब्यूटी इंग्रेडिएंट के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है. हल्दी के इस्तेमाल से टैन का इलाज होता है. हल्दी के उपयोग से कील मुहांसे नहीं होते. हल्दी का उपयोग करने से ईवन आउट स्किन टोन नहीं होता और यह ऑयली स्किन को ठीक करने के साथ ही स्किन की एजिंग की समस्या से भी लड़ती है और फेशियल हेयर रिमूवर के तौर पर भी काम करती है.
  8. हल्दी में मौजूद करक्यूमिन नाम का केमिकल जोड़ों के दर्द से राहत देने के लिए जाना जाता है. यह बिना एस्प्रीन और आइबूप्रोफेन जैसे एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाओं के गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल साइड इफेक्ट्स के बिना ऑस्टियोआर्थराइटिस में ज्वाइंट डिसफंक्शन को ठीक करने में मददगार साबित होता है. हल्दी जोड़ों में सूजन को कम करके दर्द से राहत देती है और यह कई स्टडीज में भी साबित हो चुका है.Turmeric for Beauty
  9. क्लिनकल स्टडीज के अनुसार हल्दी में मौजूद करक्यूमिन मूड में सुधार करने, डिप्रेशन और एंग्जाइटी को कम करने में मदद कर सकता है. ब्रेन डिराइव्ड न्यूरोट्रॉफिक फैक्टर (BDNF) के बढ़ने की वजह से यह सफलता मिलती है. यह एक प्रकार का प्रोटीन है, जिसे करक्यूमिन, स्टिमुलेट करता है.
  10. हल्दी के प्रमुख केमिकल करक्यूमिन में एंटीसेप्टिक, एंटीवायरल और एंटी-कैंसर गुण होत हैं. यह ओवर अग्रेसिव इम्यून रिस्पॉन्स को भी मॉड्यूलेट कर सकता है. यह समस्या कुछ कोविड-19 रोगियों में देखने को मिली थी.

(डिस्क्लेमर- यहां बताए गए लाभ परंपरागत मान्यताओं पर आधारित हैं. आजमाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. आर्टिकल में दी गई जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है. इंडिया.कॉम इन बातों की पुष्टि नहीं करता है.)

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Health की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.