Types of sexual orientations: सेक्सुअलिटी यानी किसी के प्रति सेक्सुअल आकर्षण (Sexual orientation) के कई रूप होते हैं. समान्य तौर पर हम केवल होमो, लेस्बियन या स्ट्रेट सेक्सुअलिटी के बारे में जानते हैं लेकिन मेडिकल साइंस में इंसान के यौन व्यवहार को अलग वर्गों में बांटा गया है. इसे हम आम बोलचाल में सेक्सुअलिटी कहते हैं. अलग-अलग व्यक्तियों के यौन व्यवहार को अलग-अलग करने के लिए करीब 10 तरह की सेक्सुअलिटी बताई गई है. आइए जानने कि कोशिश करते हैं ये क्या है…

Heterosexual
Know Your Sexual orientation: यह संभवतः सबसे कॉमन सेक्सुअल ओरिएंटेशन यानी यौन आकर्षण है. दुनिया के तमाम समाजों में इस सेक्सुअल ओरिएंटेशन को समान्य माना जाता है. इस ओरिएंटेशन में एक इंसान अपने से विपरित लिंग वाले इंसान से यौन संबंध बनाने का इच्छुक होता है. इसे स्ट्रेट (straight) ओरिएंटेशन भी कहा जाता है. यानी एक पुरुष का एक महिला के प्रति या एक महिला का पुरुष के प्रति यौन आकर्षण इसके दायरे में आता है.

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Homosexual या Gay या lesbian
सेक्सुअलिटी (sexualities) का यह रूप इन दिनों खूब चर्चा में है. इस पुरुष अपने समान लिंग वाले व्यक्ति के प्रति सेक्सुअली लगाव महसूस करता है. स्पष्ट तौर पर कहें तो इसमें एक पुरुष दूसरे पुरुष के साथ ही सेक्स संबंध बनाने की चाहत रखता है. आम बोलचाल की भाषा में ऐसे लोगों को गे या होमो कहा जाता है. सेक्सुअलिटी का यह रूप अब भी दुनिया के तमाम समाजों में स्वीकार्य नहीं है. इसी तरह जब एक महिला दूसरे महिला के प्रति सेक्सुअली झुकाव महसूस करती है तो उसे लेस्लियन (lesbian) कहा जाता है.

Bisexual
सेक्सुअलिटी (sexualities) के इस रूप में इंसान दोनों लिंगों के प्रति आकर्षित होता है. यानी अगर कोई पुरुष Bisexual है तो इसका मतलब है कि वह पुरुष और महिला दोनों के साथ यौन संबंध स्थापित करने की चाहत रखता है. ऐसा व्यक्ति एक ही समय में ऐसा कर सकता है.

Pansexual
ऐसा इंसान Bisexual से थोड़ा से अलग होता है. इसमें यौन संबंध स्थापित करने के लिए उसके लिए लिंग मायने नहीं रखता. वह किसी महिला या पुरुष किसी के साथ यौन सुख का आनंद ले सकता है.

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Asexual
ऐसा कहना गलत होगा कि दुनिया का हर इंसान किसी न किसी लिंग के प्रति आकर्षित (Sexual orientation) जरूर होता है. Asexual का मतलब होता है किसी भी तरह की यौन इच्छा का न होना. समान्यतौर पर ऐसे इंसान बहुत कम मिलते हैं जिनकी कोई यौन इच्छा नहीं होती हो. ऐसे लोगों को Asexual कहा जाता है. महान भौतिकी वैज्ञानिक आइजैक न्यूटन के बारे में कहा जाता है कि वह Asexual थे.

Demisexual
सेक्सुअलिटी (sexualities) की इस स्थिति में इंसान जब किसी के साथ भावनात्कम रूप से जुड़ता है तब ही वह उसके साथ रोमांटिक संबंध स्थापित कर पाता है. ऐसे लोगों की प्रकृति समान्यतौर पर demisexual होती है और ये लंबे समय तक चलने वाले रिश्ते बनाते हैं.

Sapiosexual
सेक्सुअलिटी (sexualities) की इस स्थिति में इंसान किसी दूसरे की बुद्धि से प्रभावित होकर उससे सेक्सुअली लगाव महसूस करने लगता है. इसमें महिला या पुरुष कोई भी हो सकता है. इसमें लिंग मायने नहीं रखता क्योंकि इसमें व्यक्ति सामने वाले की बुद्धि से प्रभावित होता है.

Polysexual
ये ऐसे इंसान होते हैं जो bisexual से थोड़ा ज्यादा लेकिन pansexual से थोड़ा कम वाली स्थिति में होते हैं. इसमें वे कई तरह के लिंगों से आकर्षित होते हैं. यानी वे ट्रांसजेंडर्स, थर्ड जेंडर्स या इंटरसेक्स लोगों से भी आकर्षित (Sexual orientation) हो सकते हैं.

Graysexual
सेक्सुअलिटी के इस कैटोगरी में वे लोग आते हैं जिनमें बहुत कम सेक्स ड्राइव होता है. यानी उनकी सेक्स करने की चाहत बहुत कम होती है. वैसे देखा जाए तो Graysexual लोग asexual नहीं होते. वे किसी खास समय पर किसी खास व्यक्ति के प्रति सेक्सुअली आकर्षित हो सकते हैं.

Androgynsexual
ये ऐसे इंसान होते हैं जिनकों पुरुष और महिला दोनों आकर्षक लगते हैं. ऐसे लोगों में feminine और masculine दोनों लक्षण होते हैं.