नई दिल्ली: महिलाओं में यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन यानी UTI के मामले काफी बढ़े हैं. ये अब आम रोग बन चुका है, जिसका सबसे बड़ा कारण है अस्वच्छ शैचालयों का इस्तेमाल. नौकरी पेशा महिलाएं इसकी जद में सबसे ज्यादा होती हैं. हालांकि ये रोग खतरनाक नहीं है लेकिन अगर समय रहते ध्यान ना दिया जाए तो यह किडनी तक को प्रभावित कर सकता है. Also Read - नजरअंदाज न करें मामूली सा भी पेट दर्द...हो सकती है ये गंभीर बीमारी

आपको जानकर हैरानी होगी कि एक रिपोर्ट में कहा गया है कि गंदे शौचालयों या शौचालयों की कमी जैसे कारणों से भारत में लगभग 50 फीसदी महिलाएं यूटीआई से पीड़ित हैं. Also Read - तमिलनाडु के पूर्व सीएम करूणानिधि की हालत गंभीर, पीएम मोदी ने किया ट्वीट, घर भी पहुंचे कई नेता

क्या है UTI
इसे मूत्र मार्ग संक्रमण भी कहा जाता है. डॉक्टर्स कहते हैं कि इसके बढ़ते मामलों का कारण वेस्टर्न स्टाइल के टॉयलेट हैं. जहां इस संक्रमण का जोखिम अधिक बढ़ जाता है. 15 से 40 की उम्र के बीच यह समस्या अधिक देखी जाती है.

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क्यों होता है
गुरुग्राम स्थित नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. विकास जैन (यूरोलॉजी व रीनल ट्रांसप्लांट) ने बताया, ‘बुनियादी तौर पर यूटीआई की समस्या मूत्रत्याग के समय किसी भी प्रकार की बाधा के कारण होती है. लेकिन शौचालय का इस्तेमाल करते वक्त स्वच्छता का ध्यान ना रखना इस संक्रमण का आम कारण है. यूटीआई का एक कारण गर्मियों में दूषित पानी का सेवन और निर्जलीकरण (डी-हाइड्रेशन) भी है.

कैसे करें बचाव
संक्रमण से बचाव के लिए डॉक्टर्स ने कहा, ‘हमेशा स्वच्छ शौचालय का प्रयोग करना चाहिए. चूंकि यह रोग पुरुष व महिला दोनों को प्रभावित करता है इसलिए सुरक्षित यौन संबंध इससे बचने का एक तरीका हो सकता है. अगर किसी को यूटीआई हो गया तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए क्योंकि समय रहते इलाज न होने पर यह गंभीर रोगों को दावत दे सकता है’.

पुरुषों को भी होता है
नई दिल्ली के श्रीबालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट के यूरोलॉजिस्ट डॉ. अतुल गोस्वामी बताते हैं, ‘पुरुषों की तुलना में महिलाएं इस रोग से अधिक प्रभावित होती हैं. खासतौर पर युवा महिलाओं में यूटीआई की शिकायत बहुत आम है. यह रोग किडनी पर भी दुष्प्रभाव डाल सकता है. ऐसा देखा गया है कि पुरुषों में 45 की उम्र के बाद यह परेशानी शुरू होती है और ज्यादा उम्र के पुरुषों को यह बीमारी प्रोस्टेट ग्रंथि के बड़ा होने, मधुमेह, एचआईवी या फिर यूरिनरी ट्रैक्ट में स्टोन होने के कारण होती है’.

ये उपाय अपनाएं
डॉक्टर अतुल कहते हैं, ‘इससे बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए. काम पानी पीने से न केवल डि-हाइड्रेशन होता है बल्कि यूटीआई से भी पीड़ित हो सकते हैं. सार्वजनिक शौचालयों का उपयोग ना करना ही बेहतर है. टॉयलेट आने पर उसे अधिक समय रोकना नहीं चाहिए. गर्मियों में चुस्त कपड़े नहीं पहनने चाहिए. विटामिन-सी युक्त आहार को अपने भोजन में शामिल करना चाहिए’.

(एजेंसी से इनपुट)